प्रदेश के मुखिया अब मुख्यमंत्री डॉक्टर भूपेश बघेल कहलाएंगे, मुख्यमंत्री को मानक उपाधि हेमचंद यादव विश्वविद्यालय परिवार के द्वारा दी गई है। दरअसल, विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुऐ। किसानों के हितों में उनकें द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य को देखते हुऐ विश्व विद्यालय परिवार ने मुख्यमंत्री को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की मानक उपाधि से नवाजा है। साथ ही पद्मश्री से सम्मानित पंडवानी गायिका ऊषा बारले को भी इस उपाधि से नवाजा गया।
दीक्षांत समारोह के साथ ही विश्वविद्यालय के 8वें स्थापना दिवस को भी मनाया गया। जहां सीएम बघेल ने विश्वविद्यालय से दीक्षा अर्जित करने वाले विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह में शपथ दिलाई। इसके बाद मेरिट में आए छात्र-छात्राओं को मेडल और प्रमाण पत्र दिए। इसके अलावा विभिन्न विषयों पर पीएचडी उपाधि हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
वहीं सीएम बघेल ने कहा कि फरार गुड्डू मुस्लिम के छत्तीसगढ़ में छिपे होने की बात सामने आई है। उत्तर प्रदेश की एसटीएफ उसे ढूंढ रही है, अगर उसे छत्तीसगढ़ पुलिस की मदद चाहिए तो यहां की पुलिस जरूर मदद करेगी। लेकिन अभी तक किसी प्रकार की मदद नहीं मांगी गई है। कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तरप्र देश में कानून व्यवस्था नहीं है। इसलिए तो पुलिस के संरक्षण में पत्रकारों के बीच में ही खुलेआम किसी को भी मार दिया जा रहा है। सबसे ज्यादा अपराधी तो उत्तर प्रदेश में हैं। उसके बाद भी कोई अपराधी यदि प्रदेश में छिपा है तो उत्तर प्रदेश पुलिस के मदद मांगने पर जरूर मदद की जाएगी।
इस मौके पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, कुलपति डॉक्टर अरुणा पलटा, दुर्ग विधायक अरुण वोरा भी मौजूद रहे। इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि डॉक्टर की मानक उपाधि जो आज मुझे मिला है उसके लिए सभी का धन्यवाद। सीएम भूपेश बघेल ने चुटकी लेते हुऐ कहा की मै नब्ज देकर इलाज करने वाला डॉक्टर नहीं, बल्कि मानद उपाधि वाला डॉक्टर हूं।