केएसके महानदी पावर प्लांट के बाहर बैठे भूविस्थापित
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भूविस्थापितों ने नरियार गांव में स्थापित केएसके महानदी पावर प्लांट के मुख्य गेट पर लगा दिया है। भूविस्थापितों ने 23 सूत्रीय मांगों को लेकर प्लांट का घेराव किया है। मामले को देखते हुए मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। मुख्य गेट से मजदूरों का आना-जाना बंद कर दिया गया है।
दरअसल, भूविस्थापित सैकड़ों किसानों को उनके जमीन का मुआवजा और नौकरी नहीं मिल पाई है। भूविस्थापित लागतार धरना प्रदर्शन, प्लांट घेराव, कलेक्ट घेराव करते आ रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। हाल ही में अपनी 23 सूत्री मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर घेराव कर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद रविवार यानी आज सुबह से भूविस्थापित किसान बड़ी संख्या में केएसके महानदी पावर प्लांट पहुंचे और मेन गेट में ताला लगा दिया है। मजदूरों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है।
भूविस्थापित किसानों का कहना है की अब तक सैकड़ों की संख्या में किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया है। पुनर्वास नीति का पालन भी नहीं किया जा रहा है। प्लांट के अंदर किसानों के खेतों को बंधक बनाकर रखा गया है। वहीं, भूविस्थापित किसानों ने 23 सूत्री मांगों को पूरा करने के लिए जिला प्रशासन और प्लांट प्रबंधक को 10 जनवरी 2024 तक का समय दिया गया था। मांग पूरा नहीं होने पर 11 फरवरी से केएसके पावर प्लांट के गेट के सामने प्रदर्शन करते हुए मेन गेट को ताला लाकर घेराव किया गया है।