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chhattisgarh election 2023: धमतरी की तीनों सीटों पर भाजपा ने उतारे उम्मीदवार, जानें हर सीट का समीकरण

Sun, 15 Oct 2023 06:23 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, धमतरी

सार

धमतरी जिले में होने वाले विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। जिले में तीन विधानसभा सीटें हैं जिनमें धमतरी, कुरूद और सिहावा शामिल है।
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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धमतरी जिले में होने वाले विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। जिले में तीन विधानसभा सीटें हैं जिनमें धमतरी, कुरूद और सिहावा शामिल है। वहीं प्रत्याशियों की सूची जारी होते ही सभी मैदान में उतर गए हैं। धमतरी से रंजना दीपेंद्र साहू, कुरूद से अजय चंद्राकर और सिहावा से श्रवण मरकाम को भाजपा से टिकट मिला है। वहीं बात करें तो धमतरी जिला विकास में काफी पिछड़ा हुआ है जहां लंबे समय से मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज की मांग यहां की जनता के द्वारा किया जाता रहा है। भाजपा के तीनों प्रत्याशी कांग्रेस सरकार के वादाखिलाफ़ी, भ्रष्टाचार, शराब बंदी, सहित कई मुद्दों को लेकर मतदाताओं के पास जाने की बात कह रहे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी की घोषणा अभी नहीं हुई है।

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रंजना दीपेंद्र साहू - फोटो : अमर उजाला
धमतरी विधानसभा
धमतरी विधानसभा में 2018 के चुनाव में विजय हासिल करने वाली रंजना साहू को पुनः भरोसा जताते हुए टिकट दिया गया है। रंजना दीपेन्द्र साहू ने अपने राजनीतिक पारी की शुरुआत जनपद सदस्य के रूप में की थी। जनपद सदस्य रहते हुए धमतरी जनपद पंचायत की अध्यक्ष बनीं। अध्यक्ष रहते हुए भारतीय जनता पार्टी ने उनकी कार्यशैली को देखते हुए 2018 के चुनाव में उन्हें धमतरी विधानसभा से प्रत्याशी घोषित किया गया था। विधानसभा चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले में उन्होंने 63,198 वोट मिले थे। निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी गुरमुख सिंह को 62,734 वोट मिले थे। जिसपर भाजपा की रंजना साहू ने 464 वोट से विजय रही थी। 

अब देखना होगा कि भाजपा की धमतरी विधानसभा से रंजना साहू की इस बार 2023 के चुनाव में क्या रणनीति रहती है। वहीं 2008 से ले कर 2018 तक का धमतरी विधानसभा का आंकड़ा- 2008 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से गुरमुख सिंह होरा ने 27,007 वोटों से जीत दर्ज की थी। कांग्रेस को 76,746 वोट मिले थे तो वही भाजपा के विपिन साहू को 49,739 वोट मिले थे। इसी प्रकार 2013 के चुनाव में कांग्रेस से गुरुमुख सिंह होरा को ही टिकट दी गई थी और उन्होंने 10,500 वोट से जीत भी हासिल की। कांग्रेस को 70,960 वोट मिले वही भाजपा के इंदर चोपड़ा को 60460 वोट मिले।

अजय चंद्राकर - फोटो : अमर उजाला
कुरूद विधानसभा
कुरूद विधानसभा से भी भाजपा ने 2018 चुनाव में विजय रहे भाजपा पूर्व मंत्री और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय चंद्राकर को टिकट दिया है। कुरूद से अजय चंद्राकर ने चार बार कुरूद विधायक के रूप में जीत दर्ज करते आ रहे हैं। वह 1998, 2003, 2013 और 2018 कुरूद विधानसभा से भाजपा के प्रत्याशी बने और जीत हासिल की है। 2008 में उन्हें कांग्रेस से खड़े हुए लेखराम साहू से हार का सामना करना पड़ा था। अजय चंद्राकर छत्तीसगढ़ के मंत्री पद पर भी रहे है। छतीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष, पंचायत, स्वास्थ्य, संसदीय कार्य मंत्री, स्कूल शिक्षा,तकनीकी व उच्च शिक्षा संस्कृति व पर्यटन मंत्री, गृह जेल मंत्री रहे हैं। 

 

वे भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष, फुटबाल संघ के अध्यक्ष व भाजपा विधायक दल के सचेतक रहें हैं। वही बात करें तो 2018 चुनाव में निर्दलीय खड़े हुए नीलाम चंद्राकर ने अजय चंद्राकर को कड़ी टक्कर दी थी जिसमें अजय चंद्राकर 72922 वोट मिले थे वहीं निर्दलीय खड़े हुए नीलम चंद्राकर ने 60605 अर्जित किए थे, वहीं कांग्रेस की लक्ष्मीकांता साहू को मात्र 26483 वोट ही मिल पाए थे। वहीं 2008 से लेकर 2018 तक का कुरूद विधानसभा का आंकड़ा- 2008 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से लेखराम साहू को प्रत्याशी के रूप में उतारा था जिन्होंने 6205 वोटो से जीत दर्ज की थी उन्होंने कुल वोट 64299 वोट मिले थे, वहीं बीजेपी से खड़े हुए अजय चंद्राकर को 58094 वोट मिले थे। 2013 में कांग्रेस और भाजपा के द्वारा 2008 के प्रत्याशियों को पुनः टिकट दिया गया जिसमें भाजपा 27177 वोटो से जीत दर्ज की थी, वहीं भाजपा से खड़े हुए अजय चंद्राकर को 83190 वोट मिले थे और कांग्रेस से खड़े हुए लेख राम साहू को 56013 वोट मिले थे। 

 

2018 में कुरूद विधानसभा का चुनाव बेहद दिलचस्प रहा जिसमें कांग्रेस के नेता ने बागी होकर चुनाव लड़ा था जिसमें भाजपा के प्रत्याशी अजय चंद्राकर को कड़ी टक्कर दी थी वहीं कांग्रेस से खड़ी हुई लक्ष्मीकांत साहू 30000 वोटो का आंकड़ा भी पर नहीं कर पाई थी हालांकि बीजेपी के प्रत्याशी अजय चंद्राकर ने 2018 में जीत दर्ज करने में सफलता मिली थी भाजपा के प्रत्याशी अजय चंद्राकर को 72922 वोट मिले थे वहीं नीडल खड़े हुए नीलम चंद्राकर को 60605 वोट मिले थे वहीं कांग्रेस की लक्ष्मीकांता साहू 26483 वोट ही मिल पाए थे जिसमें भाजपा के  अजय चंद्राकर ने 12317 वोटो से दी जीत दर्ज की थी।

श्रवण मरकाम - फोटो : अमर उजाला
सिहावा विधानसभा
सिहावा विधानसभा एक आदिवासी बाहुल्य इलाका है जिसके चलते यह विधानसभा सीट आदिवासी आरक्षित है। सिहावा विधानसभा की तासीर यह है कि यहां एक बार जीत हासिल करने के बाद वहां की जनता दोबारा उनके ऊपर भरोसा नहीं जताती है। भाजपा द्वारा 2023 के सिहावा विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी के रूप में श्रवण मरकाम को उतारा है वह 2013 में सिहावा विधानसभा क्षेत्र के विधायक रह चुके हैं जिन्होंने कांग्रेस की अंबिका मरकाम को 7487 वोट से हराया था। इसके बाद 2018 चुनाव में भाजपा के द्वारा उन्हें टिकट नहीं दिया गया था। 
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2008 से 2018 के चुनाव भी आंकड़े की बात करें तो 2008 में सिहावा विधानसभा से कांग्रेस की अंबिका मरकाम को टिकट दिया गया था जिन्होंने 14896 वोटो से जीत दर्ज की थी उन्हें 56000 48 वोट मिले थे। वहीं भाजपा की पिंकी शिवराज शाह ने 41152 वोट मिले थे वहीं 2013 में बीजेपी के श्रवण मरकाम ने 7487 वोट से जीत दर्ज की थी जिसमें उन्होंने 53894 वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस से प्रत्याशी अंबिका मरकाम 464007 वोट मिले थे, 2018 में कांग्रेस की प्रत्याशी डॉक्टर लक्ष्मी ध्रुव ने बड़ी जीत हासिल दर्ज की थी जिसे उन्होंने 45436 वोट के अंतराल से भाजपा की प्रत्याशी पिंकी शिवराज शाह को हराया था जिसमें डॉक्टर लक्ष्मी ध्रुव ने 88451 वोट अर्जित किए थे जिसमें भाजपा की प्रत्याशी पिंकी शिवराज शाह ने 43015 वोट मिले थे।
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