डिप्टी सीएम विजय शर्मा, पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर
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Deputy CM Vijay Sharma acquitted in fake atrocity case: पुराने एक्ट्रोसिटी मामले में छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा को कोर्ट ने दोषमुक्त किया है। इसके बाद कोर्ट परिसर में मीडिया से चर्चा में शर्मा ने कहा कि आम गरीब लोगों का राशन कार्ड नहीं बन रहा था। ऐसे लोगों के लिए एक जनप्रतिनिधि की हैसियत से किसी ऑफिस में जाना और अधिकारियों से बात करना तत्कालीन भूपेश सरकार में अपराध हो गया था। तत्कालीन विधायक मोहम्मद अकबर ने राजनीतिक प्रतिद्वंदता से हर तरह के हथकंडे अपनाये।
उन्होंने बताया कवर्धा में हुए ध्वज विवाद के बाद हमें आरोपी बनाया गया था। ध्वज विवाद केस में जमानत मिलने के बाद एक्ट्रोसिटी लगाकर 18 दिनों तक जेल भेजा गया। इस प्रकरण में मुझे जमानत न मिले इसलिए हर तरह के हथकंडे अपनाये गये। कोरोना काल में तीन वर्ष से कम सजा वालों को जमानत देने के नियम के तहत जमानत मिली उस नियम को खत्म करने का रातों रात प्रयास किया गया। उन्होंने कहा दर्जनों प्रकरण मुझ पर राजनीतिक कारणों से प्रेरित होकर दर्ज किए गए थे। जिनमें से एक में मुझे न्यायालय ने दोषमुक्त किया है। इस प्रकरण में विजय शर्मा के साथ वर्तमान जिला भाजपा उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी पर भी एफआईआर दर्ज हुई थी। मामले में कैलाश चंद्रवंशी ने कहा कि एक बार फिर साबित हुआ मोहम्मद अकबर भय और दबाव की राजनीति करते थे, लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराते थे।
डिप्टी सीएम ने कहा कि कांग्रेस के पांच साल के कार्यकाल में लोगों को अलग-अलग तरह से परेशान करना प्रताड़ित किया जाता था, लेकिन अंत मे सच्चाई की जीत हुई। इसलिए कहते हैं सत्य मेव जयते। यह शास्त्रोक्त कथन है प्रमाणित है, देर से सही पर सत्य की जीत होती है।
उन्होंने कहा कि कोर्ट ने मुझे और कैलाश चंद्रवंशी को दोषमुक्त कर दिया है। यह फर्जी तरीके से कराया गया एफआईआर था। तत्कालीन खाद्य निरीक्षक ने पहले पुलिस को सिर्फ सूचना दिया गया था, फिर एक महीने बाद उन्ही खाद्य निरीक्षक ने बाद में यह कहकर की जाति सूचक शब्द बोला गया है दूसरी बार शिकायत किया गया । जिसमें एक्ट्रोसिटी का मामला बनाकर मुकदमा दर्ज किया था । हम पर राजनीतिक प्रेरणा से आधारहीन आरोप लगाए गए थे। जिसमें न्यायालय के सेसन कोर्ट और एक्ट्रोसिटी के विशेष कोर्ट में हमे दोष मुक्त किया है। मैं न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।