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पूर्व मंत्री ने बताया था नक्सलियों को कांग्रेस की बी पार्टी
कांग्रेस नेता के पकड़े जाने के बाद से ही छत्तीसगढ़ की सियासत गरमाई हुई है। BJP के पदाधिकारी सहित पूर्व सीएम और मंत्री भी हमलावर हैं। पूर्व वन मंत्री और बीजापुर से विधायक रह चुके महेश गागड़ा ने कहा कि यह कोई सामान्य घटना नहीं है कि नक्सल प्रभावित राज्य के अतिसंवेदनशील इलाके का सत्तारूढ़ पार्टी का जिम्मेदार नेता नक्सलियों के साथ दूसरे राज्य में पकड़ा गया है। नक्सली आज कांग्रेस की बी टीम की तरह काम कर रहे हैं, इसमें कोई संदेह नहीं रह गया है।
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कांग्रेस के एजेंडे और नक्सलियों की भाषा में फर्क नहीं
पूर्व मंत्री ने कहा कि नक्सलियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ छत्तीसगढ़ में किसानों को उकसाते हुए पत्र जारी किया था। उसकी भाषा देख लें और कांग्रेस का एजेंडा देख लें, आपको कोई फर्क नहीं लगेगा। ऐसा लगेगा मानो कांग्रेस सरकार से जुड़े लोगों ने पत्र ड्राफ़्ट करके नक्सलियों को दिया हो और नक्सलियों ने उसे अपने लेटर पैड पर जारी कर दिया हो। उस पत्र में एक भी शब्द कांग्रेस सरकार के खिलाफ नहीं है।
पूर्व मंत्री ने पूछे पांच सवाल
- कांग्रेस और नक्सलियों के बीच का रिश्ता क्या है?
- क्या झीरम घाटी हत्याकांड मामले को भी कांग्रेस नक्सलियों से संबंध की वजह से दबा रही है?
- कितने नक्सलियों को कांग्रेस की सदस्यता दी है?
- नक्सलियों के साथ पकड़े गए कांग्रेस नेता छत्तीसगढ़ में क्यों नहीं पकड़ा गया?
- इतने संवेदनशील विषय पर मुख्यमंत्री ने अभी तक किसी प्रकार की जांच की घोषणा क्यों नहीं की?
कांग्रेस बोली-भाजपा नेताओं के यहां नक्सली खाना खाते थे
वहीं प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने केजी सत्यम को कांग्रेस पदाधिकारी मानने से ही इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि सत्यम किसी भी पद पर नहीं है। जिसे सहयोगी के रूप में गिरफ्तार करने की बात कही जा रही है, नक्सली उसे चार दिन पहले अगवा किया था। नक्सलियों ने इलाज के नाम पर केजी सत्यम को बंदूक दिखा तेलंगाना ले गए। उसके परिजनों ने इसे लेकर थाने में आवेदन भी दिया है। अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि लता उसेंडी, रामविचार नेताम के नक्सलियों को चंदा देते रसीद सामने आई थी। शुभ्रांशु चौधरी की पुस्तक में दावा किया गया कि नक्सली भाजपा नेता लता उसेंडी और विक्रम उसेंडी के घर खाना खाते थे।