मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बाल दिवस पर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी।
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बच्चे ही सही मायने में भावी राष्ट्र निर्माता हैं। उनका लालन पालन, शिक्षा-दीक्षा बहुत ही ध्यानपूर्वक करनी चाहिए। बचपन में जो सीखते हैं, वो जीवनभर काम आता है। उन्होंने बच्चों से कहा कि, खूब खेलिए और समय का सदुपयोग करिए। मुख्यमंत्री बघेल सोमवार को बाल दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने 'सुग्घर पढ़वैया' योजना का शुभारंभ किया।
बच्चों ने किया कार्यक्रम का संचालन
साइंस कॉलेज परिसर स्थित दीनदयाल ऑडिटोरियम में हुए कार्यक्रम में सीएम बघेल ने कहा कि, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने 'सुग्घर पढ़वैया' और 'लइका मन के गोठ' पुस्तकों का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, छत्तीसगढ़ी नृत्य, गीत और कराटे का भी प्रदर्शन किया गया। खास बात यह रही कि कार्यक्रम का संचालन भी बच्चों ने किया।
प्रदेश के चार प्रतिभाशाली बच्चे हुए सम्मानित
मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेश के चार प्रतिभाशाली बच्चों राकेश कुमार, संजना बांधे, दीपिका ठाकुर और विद्या राजपूत को सम्मानित किया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार विशेष ध्यान दे रही है और उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। भविष्य में इसके और बेहतर परिणाम आएंगे।
स्कूली बच्चों ने लगाई प्रदर्शनी
बाल दिवस के अवसर पर स्कूली बच्चों ने प्रदर्शनी भी लगाई। प्रदर्शनी में बालवाड़ी के माध्यम से बच्चों को सिखाना, बहुमुखी प्रतिभाशाली बच्चों का प्रस्तुतिकरण, विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा, बच्चों का कुशल वाचन, मौखिक गणित का प्रदर्शन, खिलौनों से सीखना, अंगना में सीखना, व्यवसायिक शिक्षा के अंतर्गत बच्चों की ओर से तैयार सामग्री प्रदर्शन, विभिन्न कौशल में दक्ष कुशल बच्चों का प्रस्तुतीकरण, गणित व विज्ञान क्लब के माध्यम से गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण किया गया।