छत्तीसगढ़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें कुछ लोग एक खास समुदाय का बहिष्कार करने की कसम खाते दिखाई दे रहे हैं। राज्य के प्रशासन ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि वीडियो छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले का है। वीडियो में यहां के एक गांव के लोग यह प्रण करते दिखाई दे रहे हैं कि वे एक खास समुदाय के साथ किसी भी तरह का व्यापार नहीं करेंगे और न ही उन्हें अपनी जमीनें बेचेंगे।
लुंड्रा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले कुंडीकाला गांव में कथित तौर पर 5 जनवरी को शूट किया गया वीडियो गुरुवार को सबके सामने आया। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव का दौरा किया और जांच शुरू की। अधिकारियों के मुताबिक, एक जनवरी को दो गांवों के लोगों के बीच एक विवाद हो गया था। इसके बाद ही यह वीडियो वायरल किया गया है।
वीडियो में सुना जा सकता है कि हम आज से उस समुदाय के किसी दुकानदार से कोई सामान नहीं खरीदेंगे और न ही उन्हें कुछ भी नहीं बेचेंगे। हम प्रण करते हैं कि हम उन्हें अपनी जमीनें न बेचेंगे और न ही पट्टे पर देंगे। हम अपने गांवों में आने वाले विक्रेताओं से उनका पता लगाने के बाद ही खरीदने का संकल्प लेते हैं।
वीडियो में लोगों को यह संकल्प लेते देखा जा सकता है कि हम उनके लिए मजदूर के रूप में काम भी नहीं करेंगे। सरगुजा कलेक्टर संजीव झा ने शुक्रवार को पीटीआई को बताया कि वीडियो सामने आने के बाद जिले के एएसपी और एसडीएम ने गुरुवार को गांव का दौरा किया और घटना की जानकारी हासिल की। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सरगुजा एएसपी विवेक शुक्ला ने बताया कि 1 जनवरी को बलरामपुर जिले के आरा गांव के लोग नए साल का जश्न मनाने के लिए कुंडिकाला आए थे। इस दौरान कुछ स्थानीय लोगों के साथ उनका विवाद हो गया। अगले दिन कुंडिकाला के लोगों ने शिकायत दर्ज कराई कि आरा के एक विशेष समुदाय के आधा दर्जन ग्रामीणों के साथ कुछ अन्य लोगों ने उनके घर में घुसकर उनके साथ अभद्रता की। उन्होंने उनकी भतीजी सहित परिवार के दो सदस्यों से मारपीट भी की।
शुक्ला ने बताया कि शिकायत के आधार पर छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन उन सभी को एक स्थानीय अदालत से उसी दिन जमानत मिल गई। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि उस घटना का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने कुंडिकाला के लोगों को एक सभा बुलाने और अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ इस तरह का संकल्प लेने के लिए उकसाया। हम उन लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं जिन्होंने सभा को शपथ दिलाई।