पुलिस ने झारखंड से आरोपी को गिरफ्तार किया।
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छत्तीसगढ़ पुलिस ने बैंक अफसर बनकर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को दो अलग-अलग मामलों में झारखंड से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी खाता और एटीएम अपडेट करने का झांसा देकर ओटीपी पूछते और खाते से रुपए निकाल लेते थे। पुलिस ने आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त मोबाइल जब्त किया है। मामला सरगुजा के गांधी नगर थाना क्षेत्र का है।
एएसपी विवेक शुक्ला ने बताया कि मानिक प्रकाशपुर निवासी मंगलु कुजूर से किसी व्यक्ति ने स्वयं को बैंक का अधिकारी बता खाता व एटीएम अपडेट करने के नाम पर बैंक खाते से संबंधित जानकारी ले ली। उसने ओटीपी लेकर चार बार में बैंक खाते से 1 लाख 80 हजार रुपये निकाल लिए। मंगलु कुजूर ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस ने जांच शुरू की।
इस पर पुलिस ने साइबर सेल की मदद से मोबाइल नंबर का लोकेशन ट्रेस किया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम को देवघर, झारखंड रवाना किया गया। वहां से सद्दाम अंसारी को गिरफ्तार किया गया। घटना के संबंध में पूछताछ करने पर उसने आनलाइन ठगी करना स्वीकार किया गया। घटना में प्रयुक्त मोबाइल आरोपी से बरामद कर न्यायिक अभिरक्षा मे भेजा गया हैं।
फोन-पे एक्टिवेट करने के नाम पर एक लाख की ठगी
महिला से ऑनलाइन एक लाख रुपये की ठगी के एक अन्य मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एएसपी विवेक शुक्ला ने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने 16 मई को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके मोबाइल पर कॉल आया और खुद को फोन पे का अधिकारी बताकर एक्टिवेट करने का झांसा दिया। आरोपियों ने महिला से एकाउंट प्रोसेसिंग कराकर उनके खाते से दो बार में एक लाख रुपये का आहरण कर लिया।
साइबर सेल की मदद से ठगी करने वाले आरोपियों का लोकेशन निकाला गया तो झारखंड में मिला। सरगुजा पुलिस की विशेष टीम ने काफी मशक्कत के बाद सरगुजा पुलिस ने सचिन दास और पंकज कुमार को देवघर झारखंड से गिरफ्तार कर अंबिकापुर लेकर पहुंची। पुलिस ने आरोपियों से घटना में उपयुक्त तीन मोबाइल जब्त किए हैं।
देवघर व जामताड़ा बने ठगी के केंद्र
झारखंड के देवघर एवं जामाताड़ा क्षेत्र आनलाइन ठगी के गिरोह के केंद्र बने हुए हैं। कुछ दिनों पूर्व बलरामपुर पुलिस ने भी आनलाइन ठगी के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इन आरोपियों ने बलरामपुर क्षेत्र में तीन ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया था। हैरत की बात तो यह है कि पूर्व में पकड़े गए आरोपियों की तरह ये आरोपी भी ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं। दो आरोपी महज आठवीं पास हैं।