छत्तीसगढ़ में पुलिस ने नक्सलियों द्वारा लूटे गए एलपीजी सिलेंडर की एक खेप बरामद की।
- फोटो : getty images
छत्तीसगढ़ के उग्रवाद प्रभावित सुकमा जिले में पुलिस ने नक्सलियों द्वारा लूटे गए एलपीजी सिलेंडर की एक खेप बरामद की है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि माओवादियों द्वारा एलपीजी सिलेंडर लूटने की ऐसी कोई घटना पहले नहीं हुई थी। सूत्रों के मुताबिक, विद्रोहियों ने स्पष्ट रूप से हिंसा के लिए इस्तेमाल किए गए तात्कालिक विस्फोटक उपकरणों (आईईडी) की तीव्रता बढ़ाने के लिए गैस सिलेंडर का उपयोग करने की योजना बनाई थी।
48 एलपीजी सिलेंडरों से भरी एक वैन को लूटा
सुकमा के पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने बताया कि माओवादियों ने सोमवार को जिले के एक आंतरिक इलाके में कोंटा से भेजे जा रहे 48 एलपीजी सिलेंडरों से भरी एक वैन को लूट लिया। विद्रोहियों ने दोपहर करीब तीन बजे राज्य की राजधानी रायपुर से 450 किलोमीटर दूर गोरखा गांव के पास वैन को रोक लिया और जबरदस्ती जंगल के अंदर ले गए। अधिकारी ने कहा कि उन्होंने वाहन के चालक और उसके सहायक को छोड़ने से पहले उसकी कथित तौर पर पिटाई कर दी।
सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी से डर कर भागे माओवादी
दोनों पीड़ितों ने बाद में घटना के बारे में भेजी और पुलिस को सूचित किया जिसके बाद जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की एक टीम को उग्रवादियों का पीछा करने के लिए तुरंत इलाके में भेजा गया। अधिकारी ने कहा कि विद्रोही रात करीब 10 बजे नगरम गांव की एक जंगली पहाड़ी के पास वैन छोड़ गए और सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी को भांपते हुए भाग निकले।
हालांकि, बाद में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को भी माओवादियों के मुख्य क्षेत्र से सिलेंडरों से लदी वैन को निकालने में डीआरजी टीम की सहायता के लिए मौके पर भेजा गया। इसके बाद सुरक्षा बल मंगलवार सुबह सिलेंडर की खेप के साथ गोरखा शिविर पहुंचे।
बताया जा रहा है कि इससे पहले नक्सलियों द्वारा रसोई गैस सिलेंडर लुटने की ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई थी। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि उन्होंने अपने द्वारा किए गए विस्फोटों की तीव्रता को बढ़ाने के लिए आईईडी में सिलेंडरों का उपयोग करने की योजना बनाई थी। पुलिस के अनुसार, विद्रोही राज्य के बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए आईईडी लगाते हैं।