छत्तीसगढ़ में आदिवासी की हत्या के मामले में दिल्ली की प्रोफेसर नंदिनी सुंदर की एफआईआर रद्द करने की याचिका पर सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वो नंदिनी सुंदर को गिरफ्तार नहीं करेगी और किसी भी पूछताछ के पहले चार हफ्ते का नोटिस देगी।
नंदिनी ने याचिका में आरोप लगाया है कि आदिवासियों के अधिकारों की उनकी लड़ाई की वजह से छत्तीसगढ़ सरकार उन्हें निशाना बना रही है । पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से सीलबंद लिफाफे में दस्तावेज और रिकॉर्ड सौंपने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने नक्सली समस्या का शांतिपूर्ण समाधान न निकाल पाने के लिए केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार की खिंचाई की थी ।
इससे पहले राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में भरोसा दिलाया कि प्रोफेसर नंदिनी सुंदर, अर्चना प्रसाद और दो अन्य को 15 नवंबर तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
Chhattisgarh Govt to SC: Won't arrest or interrogate DU Prof Nandini Sundar;if they want to arrest or interrogate,will give her 4 weeks time— ANI (@ANI_news) November 15, 2016