छत्तीसगढ़ में तीन साल बाद बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ बढ़ा दिया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने राज्य के हर उपभोक्ता के लिए पावर टैरिफ में करीब 6.9 फीसदी यानी करीब 37 पैसा प्रति यूनिट की वृद्धि कर दी है। 2021-22 के लिए यह दरें एक अगस्त से ही प्रभावी भी हो चुकी हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। विपक्षी दल भाजपा ने कोरोना महामारी के बावजूद बिजली दरों में वृद्धि के फैसले को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है।
तीन साल बाद बढ़ाए दाम
सीएसईआरसी के सचिव पीके शुक्ला ने बताया कि राज्य अब धीरे-धीरे कोविड-19 की स्थिति से उबर रहा है। ऐसे में आयोग ने महसूस किया कि पावर टैरिफ के प्लान में बदलाव किया जाए। अगर अभी ऐसा नहीं किया गया, तो राज्य बिजली कंपनियों का संचित राजस्व अंतराल बढ़ता जाएगा। इससे आगे चलकर उपभोक्ताओं पर ज्यादा दबाव पड़ेगा। इसको देखते हुए मध्यम मार्ग अपनाया गया है ताकि उपभोक्ताओं पर भी बोझ न आए और हमारी कंपनियों ने जो लागत लगाई है, उनका भी समाधान हो जाए।
ऐसे बढ़ाए गए रेट
1. वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए आयोग ने बिजली की औसत दर 6.41 रुपए प्रति यूनिट निर्धारित की है। पिछले साल यह दर 5.93 रुपए प्रति यूनिट थी।
2. घरेलू उपभोक्ताओं के लिए हर महीने 100 से कम यूनिट के लिए औसत दर 3.40 रुपए प्रति यूनिट से बढ़ाकर 3.60 रुपए प्रति यूनिट कर दी गई है।
3. इसी तरह हर महीने 100 से 200 यूनिट की खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए पावर टैरिफ औसत दर 3.60 रुपए प्रति यूनिट से बढ़ाकर 3.80 रुपए प्रति यूनिट कर दी गई है।
4. पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रणाली को प्रोत्साहित करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इकाइयों के लिए टैरिफ पहले की तरह 5 रुपए प्रति यूनिट जारी रहेगा।
5. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दूरसंचार संपर्क का विस्तार करने के लिए 1 अप्रैल 2019 के बाद स्थापित होने वाले मोबाइल टावरों पर बिजली सरचार्ज पर 50 फीसदी की छूट जारी रहेगी।
6. आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा प्रतिष्ठानों को बिजली अधिभार में छूट 5 से बढ़ाकर 7 फीसदी कर दी गई है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल योजना में राज्य सरकार की आधी छूट का लाभ मिलता रहेगा।
घरेलू कनेक्शन के स्लैब में भी बदलाव
इसी तरह वर्तमान में लागू सिंगल फेज उपभोक्ताओं के लिए फिक्स्ड चार्ज की सीमा 3 किलोवॉट से बढ़ाकर 5 किलोवॉट कर दी गई है। अभी तक खपत के आधार पर तय फिक्स्ड चार्ज को अब कनेक्टेड लोड और टेलिस्कोपिक आधार पर लिया जाएगा।
जनता के साथ अन्याय कर रही कांग्रेस : भाजपा
कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए विपक्ष के नेता धर्मलाल कौशिक ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य के लोगों को धोखा दिया है। बिजली दरों में बढ़ोतरी से उन लोगों पर बोझ पड़ेगा, जो पहले से ही कोरोना का खामियाजा भुगत रहे हैं। राज्य सरकार लोगों के साथ अन्याय कर रही है।