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Chhattisgarh: नौ साल की बच्ची का घोंटा गला, बोरी में भरकर फेंका अर्धनग्न शव; दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका
बोरी में बंद मिला था बच्ची का अर्द्धनग्न शव
जानकारी के मुताबिक, 13 अक्तूबर की देर शाम मवेशियों को लेकर लौट रहे चरवाहों को झगरगट्टा गांव के एक खेत में प्लास्टिक की बोरी पड़ी मिली थी। उन्होंने पास जाकर देखा तो बोरी ऊपर से बंधी हुई थी। इस पर गांव के कोटवार को इसकी जानकारी दी गई। कोटवार ने मौके पर पहुंच बोरी को बाहर से छुआ तो उसे किसी का शव होने की आशंका हुई। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। बोरी के अंदर से बच्ची का अर्द्धनग्न शव मिला था। काफी कोशिश के बाद पुलिस ने शव की शिनाख्त करवाई।
अवैध संबंधों से हुआ था बच्ची का जन्म
पूछताछ में मनोज ने बच्ची की हत्या करने की बात कबूल कर ली। उसने पुलिस को बताया कि करीब 10 साल पहले मुंगेली का ही रहने वाला राजू अपनी पत्नी लक्ष्मी के साथ कानपुर में मजदूरी करता था। वहीं मनोज भी रिक्शा चलाता था। राजू से उसका परिचय हुआ उसके घर आना-जाना शुरू हो गया। राजू शराब पीने का आदी था और अक्सर बीमार रहता था। वहीं मनोज भी दिव्यांग था, लेकिन राजू की पत्नी लक्ष्मी से उसकी करीबियां बढ़ने लगीं। राजू को इसका पता चला, लेकिन कुछ नहीं कर सका।
हत्या के बाद भाग गया था कानपुर
मनोज ने पुलिस को बताया कि इस बीच उसका मकान भी टूट गया। इसके चलते उसके पास रहने का भी सहारा नहीं था। बच्ची की भी सारी जिम्मेदारी उसी के ऊपर थी। ऐसे में परेशान होकर उसने बच्ची का चुनरी से गला घोंट दिया और शव को बोरी में भरकर खेत में फेंक आया। वहां से मुंगेली लौटा और एक बेकरी में 300 रुपए कमाए। फिर कानपुर भाग गया और पहले की तरह रिक्शा चलाने लगा। पुलिस ने आरोपी मनोज को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।