शादी का रिश्ता लेकर पहुंचा था फर्जी परिवार
जानकारी के मुताबिक, ओडेकरा निवासी युवती के परिवार का संपर्क साल 2019 में सोनादूला निवासी अरविंद चंद्रा, दिलहरण महंत, आनंद राम, सक्ती निवासी विमला चौहान और ब्रजराजनगर निवासी पनिका दास से हुआ। लोगों ने खुद को एक परिवार बताया। इसमें अरविंद ने खुद का नाम विवेक दास, विमला चौहान का नाम चमेली बाई और अपनी मां बताया। वहीं आनंद राम को आनंद दास व अपना बड़ा भाई, दिलहरण महंत को रिश्तेदार और पनिका दास को अपना मामा बताया था।
रेलवे के पार्सल विभाग में नौकरी करना बताया
आरोपियों ने झांसा दिया कि दूल्हा अरविंद रायगढ़ में रेलवे के पार्सल विभाग में काम करता है। यह सभी लोग परिवार की तरह युवती के घर शादी की बात करने पहुंचे थे। आरोपियों ने युवती के परिवार वालों से कहा कि आप शादी में कोई सामान मत दीजिएगा, जो देना हो कैश में दे देना। इसके बाद अप्रैल 2019 में युवती से अरविंद ने विवेक दास बनकर जांजगीर के शिव मंदिर में शादी कर ली। साथ ही दहेज में 10 लाख रुपए कैश लिए। शादी के बाद युवती को ससुराल न ले जाकर उसी के घर रहने आ गया।
और भी वारदात किए जाने की आशंका
जैजैपुर थाना प्रभारी डीआर टंडन ने बताया की आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाश की जा रही थी। इस बीच सूचना मिली कि सभी आरोपी अपने-अपने घरों में मौजूद हैं। इस पर पुलिस टीम ने दबिश दी। वहां से भी आरोपियों अरविंद कुमार चंद्रा, दिलहरण महंत, पनिक राम जायसवाल और विमला बाई चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूर कर लिया है। फिलहाल सभी से पूछताछ जारी है। आरोपियों के और भी इस तरह की वारदात किए जाने की आशंका है।