छत्तीसगढ़ में ईडी की कार्रवाई के दौरान फरार हुए कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी ने शनिवार को रायपुर में सरेंडर कर दिया। सूर्यकांत अपना चेहरा ढंक कर जस्टिस अजय सिंह राजपूत की कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था। इसकी जानकारी मिलने पर ईडी के अफसर भी कोर्ट पहुंच गए हैं। देर शाम तक चली बहस के बाद कोर्ट ने सूर्यकांत को 12 दिन की रिमांड पर ईडी को सौंप दिया है।
इससे पहले 13 अक्तूबर को ईडी ने कार्रवाई के दौरान आईएएस आईएएस समीर विश्नोई सहित दो अन्य कोल व्यापारियों को पूछताछ के लिए बुलाया था। कोयला व्यापारियों में सूर्यकांत तिवारी के चाचा लक्ष्मीकांत तिवारी और सुनील अग्रवाल शामिल थे। वहीं सूर्यकातं तिवारी फरार हो गया। इसके बाद से ईडी उसे तलाश कर रही थी। सूर्यकांत का नाम प्रदेश में अवैध खनिज परिवहन मामले में सामने आया है।
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सूर्यकांत तिवारी के सरेंड करने के बाद अब सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं व सरकार के बड़े अफसरों की धड़कनें तेज हो गई हैं। ऐसा समझा जा रहा है कि उसके सीने में कई राज और नाम दफन हैं। यदि ईडी ने ज्यादती की तो तिवारी कई नामों का खुलासा कर सकता है, उसके कांग्रेस और भाजपा के कई नेताओं के साथ गहरे रिश्ते हैं।
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इनकम टैक्स ने भी दर्ज कराई है एफआईआर
छत्तीसगढ़ में चल रही प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बीच फरार कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी पर इनकम टैक्स विभाग ने भी शिकंजा कसा है। आईटी विभाग ने सूर्यकांत तिवारी के खिलाफ करीब चार माह बाद बेंगलुरु में FIR दर्ज कराई है। इसमें कहा गया है कि जांच के दौरान सूर्यकांत तिवारी ने अपने मोबाइल को तोड़कर कमोड में फ्लश कर दिया। कई दस्तावेज उन्होंने फाड़ दिए और उसे चबा गए। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने रोकने का प्रयास किया तो उन्हें धक्का दिया।