कोर्ट के आदेश से कुर्की के लिए सीएमएचओ ऑफिस पहुंची थी टीम।
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छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में एंबुलेंस से युवक की मौत मामले में कोर्ट ने CMHO कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने के आदेश दिए हैं। इसकी नीलामी से युवक के परिजनों को 9 लाख 90 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। आदेश के पालन में सोमवार को कोर्ट और प्रशासन की टीम कुर्की के लिए पहुंच भी गई थी, लेकिन CMHO के दफ्तर में नहीं होने के चलते लौट गई। अब नई तारीख पर कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, युवक करण लाल नारंगे की 8 मार्च 2016 को सड़क हादसे में मौत हो गई थी। करण अपने गांव से जा रहा था, इसी दौरान शासकीय एंबुलेंस ने उसे टक्कर मार दी। चपेट में आने से करण ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वह घर का अकेला कमाने वाला सदस्य था। इस पर करण की पत्नी ने कोर्ट में मुआवजे की अपील कर दी। सुनवाई के बाद जनवरी 2018 में कोर्ट ने CMHO कार्यालय को 728125 रुपये मुआवजे के आदेश दिए।
कोर्ट के इस आदेश को CMHO कार्यालय ने गंभीरता से नहीं लिया और न ही पीड़ित पक्ष को राशि दी। इस पर करण की पत्नी बैसाखिन बाई ने फिर कोर्ट में अपील कर दी और आदेश की अवेहलना की याचिका प्रस्तुत की। इसकी सुनवाई पर कोर्ट ने पीड़ित पक्ष को 9 लाख 90 हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि यह राशि CMHO कार्यालय की चल-अचल संपत्ति कुर्क कर दी जाए।