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Gariaband : छत्तीसगढ़ में डंप हो रहा ओडिशा का धान, 500 रुपये में चेकपोस्ट पार करा रहे कर्मचारी

Mon, 07 Nov 2022 04:31 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गरियाबंद

सार

अफसरों ने बताया कि वाहन मुख्य मार्ग से कट कर एक सकरे रास्ते पर चला गया। ऐसे सात वाहन थे, जिन पर प्रशासन की टीम की नजर थी। ये वाहन ओडिशा के झलियापाड़ा में धान डंप कर के दूसरे रास्तों से शनिवार आधी रात तक खाली लौट गए। 
 
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छत्तीसगढ़ के पंजीकृत वाहन को अफसरों ने रोका तो ग्रामीण विवाद करने पहुंच गए। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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छत्तीगसढ़ में एक नवंबर से धान खरीदी शुरू हो चुकी है। गरियाबंद में ओडिशा के नवरंगपुर से धान के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए चेकपोस्ट बनाए गए हैं, लेकिन यहां तैनात कर्मचारी महज 500 रुपये लेकर धान से भरे वाहनों को पार करा रहे हैं।  पुलिस ने ऐसी ही एक पिकअप पकड़ी तो फर्जीवाड़े का पता चला। वहीं प्रशासन की एक टीम ऐसे ही वाहनों का पीछा करते ओडिशा तक पहुंच गई, लेकिन ग्रामीणों की मिलीभगत और विवाद के चलते बैरंग ही लौटना पड़ा। 

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दरअसल, शनिवार दोपहर करीब एक बजे ओडिशा से ऐसे ही वाहनों को पार करने की साजिश थी। इसकी जानकारी मिलने पर मंडी सचिव बीआर मंडावी अपनी टीम के साथ मगररोडा इलाके में निरीक्षण के लिए पहुंच गए। इस बीच मंडी निरीक्षक रजनीकांत तिवारी को पता चला कि बॉर्डर से महज आधा किमी दूर धान से भरे तीन वाहन हैं। पुख्ता सूचना के आधार पर टीम ओडिशा पहुंच गई। वहां छत्तीसगढ़ नंबर का मालवाहक मिला। उस पर धान लदा हुआ था। 

झलियावाड़ा के एक घर में डंप कर रहे थे धान
मंडी सचिव ने मंडावी ने बताया कि नाका से आगे बढ़ते ही तेलाताड़ी से लगे ओडिशा का झलियापाड़ा गांव मिला। धान लदा मालवाहक उसी ओर मुड़ गया। उसी रास्ते पर आधा किमी में अलग-अलग जगहों पर 4 पिकअप और 2 ट्रैक्टर दिखाई दिए। इन सभी वाहनों पर छत्तीसगढ़ का नंबर था। इन वाहनों से झलियापाड़ा के ही एक घर में धान डंप कराया जा रहा था। इस पर वे वाहन चालक से पूछताछ करने लगे। इसी बीच एक व्यक्ति आया और बोला की वाहन उसने किराये से मंगवाया है। 
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अफसर ने बताया कि थोड़ी देर में ग्रामीणों की भीड़ भी एकत्र हो गई। उन्होंने भी विवाद करना शुरू कर दिया। मौहाल बिगड़ता देख अफसरों ने वहां से निकलना ही ठीक समझा। ये वाहन झलियापाड़ा में धान डंप कर के दूसरे रास्तों से शनिवार आधी रात तक खाली लौट गए। इसके अलावा तीन अन्य ट्रैक्टर भी धान डंप करते मिले थे। फिलहाल उन्होंने बताया कि सारे मामले की जानकारी एसडीम को दे दी गई है। धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए ठोस नीति बनाने की जरूरत है। 

धुपकोट नाके से पार हुई पिकअप पुलिस ने पकड़ी
देवभोग पुलिस ने रविवार रात गश्त के दौरान धुपकोट बस्ती में बिना नंबर के एक पिकअप पकड़ी। उसमें 30 बोरा धान मौजूद था। पूछताछ में चालक ने ओडिशा के गंबारी गुड़ा से धान लाने की बात स्वीकार की। यह भी बताया कि नाका पार करने के लिए उसने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी को 500 रुपये दिए थे। ऐसे ही एक मामले में शुक्रवार रात एसडीएम अर्पिता पाठक को कोदोभांठा नाका में एंट्री की सूचना मिली थी। जिसके बाद ड्यूटी पर तैनात पंचायत सचिव को हटा दिया था।
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खरीदी केंद्र में सीधी पहुंचते हैं वाहन
ओडिशा धान खपाने में मगररोडा नाके के अलावा फलसापारा और उरमाल खरीदी केंद्र की बड़ी भूमिका होती है। सूत्रों के अनुसार, कुछ ऐसे समिति कर्मचारी,  जिनके करीबी रिश्तेदार सीमा पार तेलाताड़ी व पास के अन्य गांव में होते हैं वे आसानी से धाप खपा जाते हैं। इसकी तैयारी कमजोर उत्पादन वाले रकबे का पट्टा पहले से रख कर हो जाती है। सूत्रों के मुताबिक ओडिशा के तेलाताड़ी में डंप धान की एक बड़ी खेप उरमाल खरीदी केंद्र में सोमवार को पहुंचेगी। 

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