रायपुर सांसद और प्रदेश निर्वाचन समिति के संयोजक सुनील सोनी और विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त को खत लिखा है। इसमें शिकायत करते हुए लिखा है कि बीएलओ निर्धारित जगहों पर उपस्थित रहने के बजाय दूसरे जगहों पर मौजूद रहते हैं। वहीं कार्यालीन समय के बाद अनधिकृत व्यक्तियों से थोक में फॉर्म लेकर बाहरी व्यक्तियों का वोटर लिस्ट में जोड़ रहे हैं। बीएलओ पर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं भाजपा नेताओं ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए समय बढ़ाने की मांग की है। पत्र में कहा है कि प्रदेश के लगभग सभी जिलों से बूथ लेवल ने बताया कि बूथ लेवल ऑफिसर निर्धारित स्थान से नदारद रहते हैं। वो अपने बूथ में नहीं बैठ रहे हैं। कई बार इसकी शिकायत भाजपा ने छत्तीसगढ़ के निर्वाचन कार्यालय को की गई है। इस पर निर्वाचन कार्यालय ने सभी कलेक्टर को आदेश देकर बूथ लेवल ऑफिसर को निर्धारित स्थान में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन बूथ लेवल ऑफिसर क्षेत्र में निर्धारित स्थानों पर उपस्थित नहीं रहते, जिससे मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आ रहे लोग निराश होकर वापस लौट रहे हैं। निर्वाचन आयोग और कलेक्टर की ओर से इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। अभी तक किसी भी बूथ लेवल ऑफिसर के विरुद्ध दायित्व की अवहेलना के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
भाजपा ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ से यह अनुरोध किया गया है कि बूथ लेवल ऑफिसर की ओर से नए नाम जोड़नेऔर गलत नाम को विलोपित करने के कार्य में ध्यान नहीं दिया जा रहा है, इसलिए नए नाम जोड़ने और नाम विलोपित करने का समय 31 अगस्त के बाद 15 दिन और बढ़ाया जाए और नाम जोड़ने का कार्य 15 अक्टूबर तक किया जाय। पत्र में कहा गया है कि भारत निर्वाचन आयोग के दिए गए आदेशों का पालन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ की ओर नहीं कराया जा रहा है। समस्त जिला निर्वाचन अधिकारीयों को निर्देशित किया जाए कि वे यह सुनिश्चित करें कि बूथ लेवल ऑफिसर निर्धारित स्थानों पर नियमित रूप से पर्याप्त संख्या में निर्धारित प्रारूप (फॉर्म) के साथ उपस्थित रहें। 26 और 27 अगस्त, शनिवार और रविवार के अवकाश दिवस में भी नाम जोड़ने का काम किया जाए।
भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश में कई स्थानों पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए लगाए गए बूथ लेवल ऑफिसर हड़ताल पर हैं, कई कर्मचारी यूनियन अभी सरकार के विरुद्ध हड़ताल पर बैठे हैं। इस स्थिति में निर्वाचन आयोग की ओर से वैकल्पिक बूथ लेवल ऑफिसर की नियुक्ति तक नहीं की गयी है। इससे मतदाता सूची में नाम जोड़ने का कार्य बंद है। इसी प्रकार निर्देशों के अनुसार बूथ लेवल ऑफिसर को बूथ में नाम जोड़ने के लिए निर्धारित फॉर्म नंबर-1 तथा नाम काटने के लिए फॉर्म नंबर-7 लेकर उपस्थित रहना है और नागरिकों को नि:शुल्क उपलब्ध करना है लेकिन लगभग सभी जिलों से निरंतर शिकायत प्राप्त हो रही है कि जहां बूथ लेवल ऑफिसर उपस्थित भी हैं। उनके पास कोई फार्म उपलब्ध नहीं है। नाम जुड़वाने के लिए आ रहे व्यक्तियों को बाज़ार से फॉर्म खरीदने को कहा जा रहा है। फॉर्म के अभाव में नाम नहीं जोड़ा जा रहा है। पत्र में भारत सरकार से छत्तीसगढ़ शासन के लिए स्वीकृत पदों के अनुसार अधिकारियों की पदस्थापना करने, छत्तीसगढ़ शासन में महत्वपूर्ण पदों पर बैठे सविंदा अधिकारियों को कार्यमुक्त करने और छत्तीसगढ़ शासन में महत्वपूर्ण पदों पर बैठे आरोपी अधिकारियों को हटाने की मांग की गई है।