सिटी कोतवाली प्रभारी अश्वनी सिंह ने बताया कि बच्ची के माता-पिता मजदूरी का कार्य करते हैं। वे सरगुजा जिले के सीतापुर के रहने वाले हैं। अपने मां-बाप के साथ बच्ची भी बैकुंठपुर आई हुई थी। सुबह जब उसे तेज भूख लगी तो बच्ची अपनी भूख मिटाने के लिए निकली थी। पुलिस ने शव का पीएम करा शव परिजनों को सौंप दिया है।
जान जाने तक करते रहे हमला
कुत्तों को भगाने वाले लोगों ने बताया कि उन्होंने दूर से कुत्तों को बच्ची पर हमला करते देखा। बच्ची जब भी उठने की कोशिश करती, कुत्ते उस पर हमला कर उसे नीचे गिरा देते। यह देख उन्होंने डंडा लेकर कुत्तों को दौड़ाया। तब तक कुत्तों ने बालिका को पूरी तरह से काट लिया था। कुत्तों द्वारा बालिका को आसपास घसीटे जाने के भी निशान हैं।
मृत अवस्था में लाया गया था बालिका को-सीएमएचओ
बैकुंठपुर जिला अस्पताल के सीएमएचओ डॉ. अभिषेक गढ़ेवाल ने बताया कि बालिको को करीबब 12.30 बजे जिला अस्पताल लाया गया था, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उसके शरीर पर कई जगह कुत्तों के काटे जाने के निशान हैं। कुत्तों के झुंड के द्वारा बालिका को काटे जाने की जानकारी परिजनों एवं पुलिस ने दी है।
आवारा कुत्तों का आतंक-
इस घटना ने हैदराबाद की घटना की याद ताजा कर दी है, जहां आवारा कुत्तों ने एक बच्चे पर हमला कर उसे मार डाला था। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां आवारा कुत्ते झुंड बनाकर चलते हैं और कई बार रात में वाहन चालकों एवं अकेले जाने वाले लोगों पर भी धावा बोल देते हैं। इन आवारा कुत्तों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।