CG Lok Sabha Election 2024: लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के अपने बचे चार प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। इसमें सुरगुजा (एसटी) से शाशि सिंह, रायगढ़ (एसटी) से मेनका सिंह देवी, बिलासपुर से देवेंद्र सिंह यादव, कांकेर (एसटी) से बीरेश ठाकुर को कांग्रेस ने चुनावी मैदान में उतारा है।
बीरेश ठाकुर
बीरेश ठाकुर पिछली बार कांकेर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। वह बीजेपी के मोहन मांडवी से करीब पांच हजार मतों से पीछे थे। वर्ष 2019 में 6 हजार 914 वोट से चुनाव हारे थे। वो वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। बीरेश ठाकुर ने जनपद सदस्य से अपनी राजनीति की शुरुआत की। तीन बार भानुप्रतापपुर जनपद पंचायत के कोरर से जनपद सदस्य रहे। साल 2015 में कच्चे से जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए। 2010 से 2022 तक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य रह चुके हैं।
शशि सिंह
कांग्रेस ने युवा नेत्री और यूथ कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव शशि सिंह को सरगुजा लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया है। वह सूरजपुर जिला पंचायत में सभापति हैं। वह गोंड़ जनजातीय समाज से हैं। उन्होंने जिला पंचायत का चुनाव बड़े ही अंतर से जीता है। उन्हें अपने पिता से राजनीति विरासत में मिली है। उनके पिता स्व तुलेश्वर सिंह छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी सरकार में मंत्री थे । वह आक्रामक शैली के नेता थे। वहीं छाप उनकी बेटी पर भी पड़ी है। उनके दादा पूर्व सांसद और पूर्व विधायक खेलसाय सिंह हैं। वह कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के भारत जोड़ो यात्रा के पहले चरण में उनके साथ रहीं। 100 युवाओं की फौज में शशि भी शामिल थीं। शशि ने राहुल गांधी के साथ 3500 किलोमीटर की यात्रा की थी। उन्हें पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव का करीबी माना जाता है।
कांग्रेस ने रियासत परिवार की डॉ. मेनका देवी पर जताया भरोसा
कांग्रेस ने रायगढ़ लोकसभा सीट से डॉक्टर मेनका देवी सिंह पर भरोसा जताया है। वह अनुसूचित जनजाति (गौंड) समाज से आती हैं। वह सारंगढ़ के प्रतिष्ठित राज परिवार से हैं। वह चार दशक से कांग्रेस से जुड़कर समाजसेवा कर रही हैं। उन्हें साल 2014 में भी रायगढ़ लोकसभा से नामांकित किया गया था, लेकिन बाद में उनका नाम बदल दिया गया। इसके बाद भी वो कांग्रेस में सक्रिय सदस्य के रूप में अपने पारिवारिक विरासत को बढ़ाती हुई राजनीति में सक्रिय हैं।
साल 2004-20 तक जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ की उपाध्यक्ष रहीं
उन्होंने मध्य प्रदेश के सागर जिले से सेंट जोसेफ स्कूल से प्राथमिक शिक्षा ली है। एमबीबीएस मेडिकल कॉलेज भोपाल से की है। उनके पति डॉक्टर प्रवेश मिश्रा एक पेशवर चिकित्सक हैं। उन्होंने साल 2004-20 जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ की उपाध्यक्ष और धर्मजयगढ़ की प्रभारी के रूप में सेवाएं दीं। मेनका देवी सिंह की माता स्व. ललिता देवी पुसोर विधानसभा में 1969 में निर्विरोध विधायक चुनी गई थीं। बड़ी बहन पुष्पा देवी सिंह पूर्व सांसद रायगढ़ लोकसभा से तीन बार विजयी रहीं।
देश के महत्वपूर्ण रियासतों में से एक था सारंगढ़ स्टेट
आजादी के पहले सारंगढ़ स्टेट देश के महत्वपूर्ण रियासतों में एक था। आजादी के बाद मेनका देवी सिंह के पिता राजा नरेंद्रचंद्र सिंह सारंगढ़ राज्य के अंतिम शासक रहते हुए भारत में सारंगढ़ के विलय के बाद लोकतांत्रिक तरीके से जनसेवा में लग रहे। वो 16 वर्षों तक मध्य प्रदेश में मंत्री (1952- 1968) रहे। वह मध्य प्रदेश के एकमात्र आदिवासी मुख्यमंत्री थे।
देवेंद्र यादव को बिलासुपर लोकसभा सीट की कमान
कांग्रेस ने बिलासुपर लोकसभा सीट से भिलाई विधायक नेता देवेंद्र यादव को उम्मीदवार बनाया है। देवेंद्र यादव 2018 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे। उन्होंने छात्र राजनीति में करियर की शुरुआई की। वे एनएसयूआई के प्रतिनिधि और एनएसयूआई के दुर्ग जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव और राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। इतना ही नहीं 25 वर्ष की उम्र में देश के सबसे कम उम्र के महापौर बनने का खिताब देवेंद्र यादव को मिल चुका है। वो राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल रहे। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष और बीजेपी के पूर्व मंत्री रहे म प्रकाश पांडेय को दूसरी बार हराया है।
देवेंद्र यादव का राजनीतिक सफर-
- देवेंद्र यादव 2009 में रुंगटा कॉलेज के एनएसयूआई प्रतिनिधि रहे
- वर्ष 2009 से 2011 तक जिला अध्यक्ष एनएसयूआई
- वर्ष 2011 से 2014 तक प्रदेश अध्यक्ष एनएसयूआई रहे
- वर्ष 2014 से 2015 तक राष्ट्रीय सचिव
- साल 2015 से 2016 तक राष्ट्रीय महासचिव एनएसयूआई
- वर्ष 2016 में महापौर नगर पालिका निगम भिलाई बने
- वर्ष 2017–18 में वे राष्ट्रीय सचिव यूथ कांग्रेस में रहे
- साल 2018 में पहली बार विधायक निर्वाचित हुए
- वर्ष 2019 से 2021 तक वे सदस्य प्राक्कलन समिति छत्तीसगढ़ विधानसभा रहे।
- साल 2020 से 2021 तक वे सदस्य पुस्तकालय समिति छत्तीसगढ़ विधानसभा रहे।
- साल 2023 में दूसरी बार भिलाई से विधायक बने, पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय को हराया
इससे पहले कांग्रेस ने बस्तर लोकसभा से पूर्व मंत्री कवासी लखमा को मैदान में उतारा है। इसके पूर्व 6 लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों की सूची जारी की थी। इसमें राजनांदगांव लोकसभा से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, रायपुर लोकसभा से विकास उपाध्याय, महासमुंद लोकसभा से ताम्रध्वज साहू, दुर्ग लोकसभा से राजेन्द्र साहू, कोरबा लोकसभा से ज्योत्सना महंत और जांजगीर-चांपा से डॉ. शिव डहरिया को चुनावी दंगल में उतारा है।
11 लोकसभा सीटों पर बीजेपी-कांग्रेस के ये हैं प्रत्याशी
- बस्तर लोकसभा सीट से बीजेपी के महेश कश्यप के सामने कांग्रेस के पूर्व मंत्री कवासी लखमा
- राजनांदगांव लोकसभा सीट से बीजेपी के मौजूदा सांसद संतोष पांडेय के सामने प्रदेश के पूर्व सीएम भूपेश बघेल
- कांकेर लोकसभा सीट से बीजेपी के भोजराज नाग के सामने कांग्रेस के बीरेश ठाकुर
- महासमुंद लोकसभा सीट से बीजेपी की रूप कुमारी चौधरी के सामने कांग्रेस के प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू
- रायपुर लोकसभा सीट से बीजेपी के कैबिनेट मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के सामने कांग्रेस के रायपुर पश्चिम से पूर्व विधायक विकास उपाध्याय
- दुर्ग लोकसभा सीट से बीजेपी के मौजूदा सांसद विजय बघेल के सामने कांग्रेस के प्रदेश सचिव राजेंद्र साहू
- सरगुजा लोकसभा सीट से बीजेपी के चिंतामणि महाराज के सामने कांग्रेस की शशि सिंह
- रायगढ़ लोकसभा सीट से बीजेपी के राधेश्याम राठिया के सामने कांग्रेस की डॉ. मेनका देवी सिंह
- बिलासपुर लोकसभा सीट से बीजेपी के तोखन साहू के सामने कांग्रेस के देवेंद्र सिंह यादव
- जांजगीर-चांपा लोकसभा सीट से बीजेपी के कमलेश जांगड़ के सामने कांग्रेस के डा.शिवकुमार डहरिया
- कोरबा लोकसभा सीट से बीजेपी की पूर्व राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय के सामने कांग्रेस की मौजूदा सांसद ज्योत्सना महंत