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'जादूगर की तोते में तो बीजपी की जान ईवीएम में': कांग्रेस ने कहा- इनकम टैक्स का नोटिस केंद्र सरकार की तानाशाही

Sat, 30 Mar 2024 12:29 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

Lok Sabha Elections 2024; congress on EVM: पूर्व सीएम भूपेश बघेल के ईवीएम को लेकर दिए बयान के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत गरमाई हुई है। मामले में पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर हमलावर हैं।  
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सुशील आनंद शुक्ला, चेयरमैन, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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Lok Sabha Elections 2024; congress on EVM: पूर्व सीएम भूपेश बघेल के ईवीएम को लेकर दिए बयान के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत गरमाई हुई है। मामले में पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर हमलावर हैं।  आरोप-प्रत्यारोप लगाकर निशाना साध रहे हैं। अब कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी नेताओं की ओर से ईवीएम के पक्ष में की जा रही बयानबाजी यह साबित करती है कि उसकी जान ईवीएम में बसती है। 
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प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जैसे जादूगर की जान तोते में होती है, वैसे ही बीजेपी की जान ईवीएम में बसती है। जब भी ईवीएम के खिलाफ कोई तार्किक तथ्य, कोई बयान आता है, तो भाजपाई तिलमिला जाते हैं। ईवीएम के खिलाफ बोलने वाले को राष्ट्रद्रोही साबित करने में लग जाते हैं। आखिर बीजेपी बैलेट पेपर से चुनाव कराने से क्यों डरती है?

शुक्ला ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता और विश्वसनीयता दोनों ही सर्वोपरि होनी चाहिये। आज देश के नागरिकों, मतदाताओं और प्रबुद्धजनों का एक बहुत बड़ा वर्ग है, जो लगातार ईवीएम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है। इन सवालों का समाधान होना चाहिये न कि इन सवालों को बहुमत के अतिवाद में दबाया जाना चाहिये। देश के सभी प्रमुख विपक्षी दल ईवीएम के साथ पचास फीसदी वीवीपैट पर्चियों का मिलान करवाना चाहता है तो इसका भाजपा क्यों विरोध कर रही है? भाजपा बताएं निष्पक्ष चुनाव होने देने में उसको डर क्यों लग रहा है? 
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'जब विपक्ष में थी बीजेपी,तो ईवीएम का करती थी विरोध'
उन्होंने कहा कि बीजेपी जब विपक्ष में थी तब ईवीएम का विरोध करती थी। केन्द्र में मोदी सरकार बनने के बाद से ही अचानक भाजपा ईवीएम की समर्थक बन गयी। भाजपा की केन्द्र सरकार बनने के बाद लगातार ईवीएम की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। कांग्रेस सहित देश के 17 राजनैतिक दलों के लोगों ने ईवीएम से चुनाव कराने का विरोध करते हुये केन्द्रीय निर्वाचन आयोग को ज्ञापन सौंपा था। देशभर में ईवीएम के खिलाफ वातावरण है।

'बीजेपी कर रही संवैधानिक एजेंसियों का दुरुपयोग'
उन्होंने इनकम टैक्स विभाग की ओर से कांग्रेस को 1 हजार 823.08 करोड़ रुपए जमा करने की नोटिस को केंद्र सरकार की तानाशाही रवैया बताया है। कहा कि, देश में लोकसभा चुनाव के समय प्रमुख विपक्षी दल को संसाधनविहीन करने की केंद्र की साजिश है। आरोप लगाया कि मोदी को यह पता चल चुका है कि उनके खिलाफ देश में माहौल है, उनकी विदाई की बेला नजदीक है तो विपक्ष को चुनाव लड़ने से रोकने के लिये इनकम टैक्स विभाग को आगे कर दिया है।  मोदी सरकार लोकतंत्र विरोधी षड्यंत्र करके विपक्षी दलों के सीमित संसाधनों को भी छीनने का काम कर रही है। कांग्रेस की पिछली सरकारों ने 70 सालों से निष्पक्ष चुनाव और स्वस्थ लोकतंत्र की जो छवि बनाई थी, केंद्र सरकार उसके खिलाफ काम कर रही है। भाजपा ने विपक्षी दलों से साधन, संसाधन छीनकर एकाधिकार स्थापित करने का षड्यंत्र रचा है।
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