छत्तीसगढ़ में पहली बार 19 सितंबर से हो रहे CG CM ट्रॉफी इंटरनेशनल ग्रैंड मास्टर्स टूर्नामेंट का फाइनल 28 सितंबर को रायपुर में खेला जाएगा। इसमें दुनियाभर के शतरंज खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि शतरंज एक तरह से राजनीति का ही खेल है। इसमें शह और मात की भूमिका खास तौर पर होती है। जो कि दिमागी कसरत भी खूब कराता है। भूपेश बघेल मंगलवार शाम दुनिया भर से आए शतरंज के ग्रैंड मास्टर्स से मुलाकात कर रहे थे। यह सभी खिलाड़ी मुख्यमंत्री के न्यौते पर CM हाउस पहुंचे थे। अतिथियों के स्वागत के लिए मुख्यमंत्री निवास की सजावट छत्तीसगढ़ी परिवेश के आधार पर की गई थी।
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(CM बघेल ने राजकीय गमछा पहनाकर खिलाड़ियों का स्वागत किया।)
राजकीय गमछा पहनाकर किया स्वागत
दरअसल, छत्तीसगढ़ में पहली बार शतरंज का अंतरराष्ट्रीय मुकाबला हो रहा है। इसमें दुनिया के 15 देशों से आए खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि शतरंज का उदय भारत से ही हुआ है। इसलिए इसे भारत के प्राचीनतम खेल में शामिल किया गया है। हमें गर्व है कि शतरंज के अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन कराने में हम सफल रहे। इस दौरान CM बघेल ने छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुसार, राजकीय गमछा पहनाकर खिलाड़ियों का स्वागत किया।
(खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ी उत्पादों की डलिया और प्रतीक चिन्ह देकर विदा किया।)
भोजन में खिलाया गया फरा, लाल भाजी, मुनगा
मुख्यमंत्री की दावत में पहुंचे शतरंज के ग्रैंड मास्टर्स को भोजन में छत्तीसगढ़ी व्यंजन परोसे गए। दुनिया भर से आए खिलाड़ियों को चर्चा के बाद भोजन के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान उन्हें फरा, लाल भाजी, कढ़ी पकौड़ी, आलू मुनगा और लौकी-चना जैसे छत्तीसगढ़ी व्यंजन परोसे गए। शतरंज खिलाड़ियों ने छत्तीसगढ़ी खान पान, परंपरा और अतिथि सत्कार की सराहना की। मुख्यमंत्री बघेल ने भोजन के बाद खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ी उत्पादों की डलिया और प्रतीक चिन्ह देकर विदा किया।