रामानुजगंज में ट्रक ड्राइवर को मारपीट कर जंगल में फेंकने और चावल लूटकर बेचने के बहुचर्चित मामले में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जिसमें दो आरोपियों को मामला पंजीबद होने के साथ ही गिरफ्तार कर लिया गया था। वहीं दो आरोपी फरार थे जिसमें से एक आरोपी को कुछ दिन पूर्व पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की थी। वहीं चौथे मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार करने में पुलिस ने सफलता हासिल की। पुलिस में चौथे आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
ऐसे हुआ मामला का खुलासा
जब पुलिस ने घायल सड़क के किनारे पड़े हुए शिवकुमार को अस्पताल भर्ती कराया तो पुलिस को नहीं मालूम था कि किस प्रकार से यह घायल हुआ है। प्रधान आरक्षक अतुल दुबे के द्वारा उसके पॉकेट में रखे आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज के सहारे उसके घर एवं ट्रांसपोर्ट कंपनी के मैनेजर तक काल किया जिसके बाद सारे घटनाक्रम का खुलासा हो सका। घर में फोन करने पर जहां पुलिस को उसकी पहचान एवं काम स्पष्ट हुआ वही ट्रांसपोर्ट कंपनी में फोन करने पर ट्रक के जीपीएस लोकेशन से पुलिस ट्रक तक पहुंची।
ड्राइवर शिवकुमार कुरूद से बिहार पटना के लिए चावल लोड ट्रक लेकर निकला था रास्ते में अंबिकापुर खरसिया नाका के पास 24 सितंबर को मनोज कुमार ठाकुर एवं प्रिंस सोनी उसके गाड़ी में बैठ गए इसके बाद उसे पीला खिलाकर मारपीट कर न्यू एरा पब्लिक स्कूल के पास फेंक उसे दिए थे। दोनों के द्वारा चावल को बेचने के लिए राजू बेरिया एवं अजय गुप्ता से संपर्क कर चावल बेचने का प्रयास किया गया।
मुख्य आरोपी का नगर के रिंग रोड में था वॉशिंग सेंटर
मामले के मुख्य आरोपी मनोज कुमार ठाकुर का रामानुजगंज के रिंग रोड में वाशिंग सेंटर था। जिसे वर्तमान में उसके मामा संचालित कर रहा है। रामानुजगंज में वह रह चुका था जिस कारण उसका राजू गुप्ता एवं अजय गुप्ता से संपर्क था। जिसके द्वारा चावल लेने के लिए संपर्क स्थापित किया गया था।