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Bilaspur: महादेव एप मामले का हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, 31 लोगों को बनाया गया आरोपी, सभी को नोटिस जारी

Sat, 20 Jan 2024 01:12 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

सार

महादेव एप के मामले में हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। ईडी के एडवोकेट सौरभ पांडे के मुताबिक मनी लांड्रिंग सहित अन्य मामले में 31 लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आरोपी बनाया गया है। इन सभी को नोटिस जारी किया गया है।
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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महादेव एप के मामले में हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। ईडी के एडवोकेट सौरभ पांडे के मुताबिक मनी लांड्रिंग सहित अन्य मामले में 31 लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आरोपी बनाया गया है। इन सभी को नोटिस जारी किया गया है। गौरतलब है कि महादेव एप में कुल छह आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं।

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दरअसल महादेव बेटिंग एप मामले में आरोपी एएसआई चंद्रभूषण वर्मा, कांस्टेबल भीम सिंह, सतीश चंद्राकर, हवाला ऑपरेटर्स दमानी भाई और आसिम दास ईडी की हिरासत में हैं। ईडी ने इस सभी को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया है। ईडी ने जिस आसिम दास को पकड़ा है, उसके पास से 5.39 करोड़ रुपए बरामद हुए हैं। इसके अलावा इस मामले में अब तक ईडी ने दो चार्जशीट दायर की है, जिसमें कथित अवैध सट्टेबाजी और गेमिंग एप के दो मुख्य प्रोमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल सहित कई अन्य आरोपी शामिल हैं। चंद्राकर और उप्पल छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर के रहने वाले हैं। इन दोनों को हाल ही में दुबई में हिरासत में लिया गया था।

उपस्थिति दर्ज नहीं कराने पर होगी कार्रवाई

ईडी के मुताबिक दुर्ग-भिलाई से महादेव एप ऑनलाइन सट्टा की शुरुआत हुई। वर्ष 2019 से संचालक सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने एप डिजाइन कर पूरे छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों में फैला दिया। दुर्ग पुलिस ने इस पर कार्रवाई शुरु की। ऊपर से दबाव बनने लगा तो कार्रवाई की गति धीमी पड़ गई। बीच-बीच में जैसे ही आदेश ऊपर से मिलता गया पुलिस की कार्रवाई सट्टा खेलने वालों पर चलती रही। यहां से पूरा काला कारोबार दुबई में ले जाकर स्थापित करने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के हौसले बुलंद होते गए। 
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ठोस कार्रवाई छत्तीसगढ़ सरकार नहीं कर सकी। देश के पैसे को हवाला के जरिए बाहर ले जाया गया। मामले में ईडी ने मनी लॉड्रिंग प्रकरण की सुनवाई के लिए विधायक देवेन्द्र यादव, चंद्रदेव राय, पीसीसी प्रवक्ता आरपी सिंह, कांग्रेस नेता विनोद तिवारी सहित 11 को नोटिस जारी किया है। इन सभी को कोर्ट ने उपस्थिति दर्ज कराने कहा है। उपस्थिति दर्ज नहीं कराने और अग्रिम जमानत नहीं लेने पर गिरफ्तार किया जाएगा।

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