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Bilaspur: लोहारीडीह में शिवप्रसाद साहू की मौत मामले को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई, कोर्ट ने दी ये छूठ

Mon, 30 Sep 2024 04:32 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

सार

लोहारीडीह संदिग्ध मौत मामले को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई है। मृतक शिवप्रसाद साहू की बेटी की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई है। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता को मध्यप्रदेश के ज्यूरीडिक्शन में केस फाइल करने छूट दी है।
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संदीप दुबे,अधिवक्ता हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लोहारीडीह संदिग्ध मौत मामले को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई है। मृतक शिवप्रसाद साहू की बेटी की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई है। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता को मध्यप्रदेश के ज्यूरीडिक्शन में केस फाइल करने छूट दी है। याचिकाकर्ता ने रिपोस्टमार्टम की मांग को लेकर याचिका लगाई थी। बता दें कि, संदिग्ध परिस्थितियों में मृतक की फांसी पर लाश लटकी मिली थी।

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मामले में याचिकाकर्ता की ओर से वकील संदीप दुबे ने बताया कि, 15 सितम्बर को शिवप्रसाद साहू का शव मध्यप्रदेश के गांव बिरसा में एक पेड़ पर संदिग्ध परिस्थिति में फांसी पर लटका हुआ शव मिला था। जिसके बाद एमपी पुलिस ने छत्तीसगढ़ पुलिस को शॉर्ट पोस्टमार्टम कर शव सौंप दिया। जिसके बाद आनन फानन में पुलिस ने मृतक के परिवार के बड़े सदस्यों को बिना बताए केवल एक 9 वर्षीय बच्चे की मौजूदगी में शव को दफन भी कर दिया। 

मृतक के परिजनों को शक है कि, रघुनाथ साहू और उसके परिवार वालों ने शिवप्रसाद की हत्या की थी। क्योंकि शिवप्रसाद के मध्यप्रदेश जाते समय जनक साहू जोकि रघुनाथ के परिवार का सदस्य है वह गायब है। इसलिए मामले में विस्तृत पोस्टमार्टम किया जाए और जांच कर कार्रवाई को जाए। मामले में सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि, क्योंकि यह घटना मध्यप्रदेश बॉर्डर के अंतर्गत हुई है और वहां की पुलिस मामले में जांच कर रही है। इसलिए छत्तीसगढ़ की पुलिस मामले में जांच नहीं कर सकती। इसके बाद चीफ जस्टिस की डिविजन बेंच ने मृतक को बेटी को एमपी के अदालत में याचिका दायर करने की छूट दे दी। 
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बता दें कि, मृतक का शव लोहारीडीह में इस वक्त दफन है। कोर्ट ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस के छत्तीसगढ़ आने पर राज्य की पुलिस सहयोग करेगी जांच में। बता दें कि मृतक की तरफ से मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने पैरवी की।

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