नेता प्रतिपक्ष अशोक विधानी ने बजट को बोगस बताते हुए, पिछले बार पास हुए 900 करोड का हिसाब मांगा। विपक्ष ने भवन, मकान, काम्पलेक्स आदि के नियमीतकरण के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया। वार्डो में गंदे पानी की शिकायत को लेकर भाजपा पार्षदों ने महापौर को ट्यूब भेंट किया है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर नगर निगम का वार्षिक बजट बुधवार को हंगामे के बीच सदन में पेश किया गया। कांग्रेस के महापौर रामशरण यादव ने 1024 करोड़ से अधिक के विकास कार्यो का बजट पेश किया। इस बार शहरवासियों पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। वहीं फोकस पुराने प्रोजेक्ट पर ही है। बजट में नगर निगम में शामिल नए जुड़े 15 ग्राम पंचायत और 3 नगर पंचायतों को प्राथमिकता दी गई है।
विज्ञापन
सामान्य सभा के शुरू होते ही भाजपा पार्षदों ने शहर के अधूरे पड़े विकास कार्यों को लेकर निगम सरकार को कटघरे में खड़ा किया। हंगामे और नारेबाजी की वजह से सदन की कार्रवाई को कई मर्तबा स्थगित भी करना पड़ा। नेता प्रतिपक्ष अशोक विधानी ने बजट को बोगस बताते हुए, पिछली बार पास हुए 900 करोड का हिसाब मांगा। विपक्ष ने भवन, मकान, काम्पलेक्स आदि के नियमीतकरण के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया। वार्डो में गंदे पानी की शिकायत को लेकर भाजपा पार्षदों ने महापौर को ट्यूब भेंट किया है।
महापौर रामशरण यादव ने बताया कि, इस बार भी कोई नया टैक्स नहीं लगाया जा रहा है। शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए बजट बनाया गया है। पुराने प्रोजेक्ट प्राथमिकता में हैं। नए प्रोजेक्ट अरपा रिवर, दो बैराज, दो ऑडिटोरियम तैयार कराए जाएंगे। नए और पुराने मिलाकर 600 करोड़ के प्रोजेक्ट हैं, जिन्हें जल्द ही धरातल पर लाया जाएगा।