फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur: हाईकोर्ट ने शराब फैक्टरी के प्रबंधकों से मांगा जवाब, प्रदूषण रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए?

Mon, 22 Jul 2024 05:00 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

सार

बिलासपुर हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में सुनवाई करते हुए प्रदूषण फैलाने वाली वाइन फैक्ट्री से 2 सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने कहा है कि फैक्ट्री संचालक पर्यावरण प्रदूषण रोकने के उपायों की जानकारी प्रस्तुत करें।
विज्ञापन
बिलासपुर हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिलासपुर हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में सुनवाई करते हुए प्रदूषण फैलाने वाली वाइन फैक्ट्री से 2 सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने कहा है कि फैक्ट्री संचालक पर्यावरण प्रदूषण रोकने के उपायों की जानकारी प्रस्तुत करें। अब इस जनहित याचिका मामले में अगली सुनवाई 2 सप्ताह बाद तय की गई है। आज इस मामले में सुनवाई के दौरान पर्यावरण प्रदूषण मंडल ने हाईकोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि इस बाबत फैक्ट्री संचालक को अप्रैल में नोटिस जारी किया था, लेकिन अबतक कोई जवाब नहीं मिला है। 

विज्ञापन

 

बता दें कि मुंगेली जिले के मोहभट्टा स्थित शराब फैक्ट्री से प्रदूषण के मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। बीते दिनों सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मामले में मुख्य सचिव से जवाब तलब किया था। मामले में आबकारी, पर्यावरण के मुख्य सचिव, मुंगेली कलेक्टर, एसपी, आबकारी उपायुक्त समेत 7 लोगों को पक्षकार बनाया गया है।

गौरतलब है कि बिलासपुर-रायपुर रोड पर मोहभट्टा में भाटिया वाइन्स का प्लांट है, जिससे निकलने वाली घटिया क्वॉलिटी की स्पिरिट को शिवनाथ नदी में बहा देने से बीते दिनों दिन लाखों मछलियां मर गई। मामले में खजरी में जमा जहरीले पानी का सैंपल भी लिया गया है। 

विज्ञापन


भाटिया वाइन्स से निकलने वाली जहरीली स्पिरिट के दुर्गंध और प्रदूषण से परेशान स्थानीय ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार भी किया था,इसमें मोहभट्टा, खजरी, धूमा गांव के ग्रामीण शामिल थे। अधिकारियों ने ग्रामीणों के सामने भाटिया वाइन्स के प्रबंधकों को गंदा पानी बाहर छोड़ने से मना किया था। अफसरों की समझाइश के बाद लोगों ने मतदान किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें