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Bilaspur HC: हाईकोर्ट का निर्देश, याचिकाकर्ता पात्र है तो सहायक उप निरीक्षक के पद पर दिया जाए प्रमोशन

Wed, 29 Nov 2023 07:28 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

सार

हाईकोर्ट के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि छत्तीसगढ़ पुलिस रेगुलेशन 1861 के रेगुलेशन 70 में यह प्रावधान है कि यदि कोई पुलिस अधिकारी, कर्मचारी अपनी जान को जोखिम में डालकर किसी नक्सलाइट ऑपरेशन में शामिल होकर अत्यन्त वीरता एवं साहसपूर्ण कार्य करता है तो उसे उच्च पद पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन प्रदान किया जाएगा। 
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिलासपुर हाईकोर्ट ने एक मामले में आदेश दिया कि यदि याचिकाकर्ता पात्र है तो उसे सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) के पद पर प्रमोशन दिया जाए। नक्सलाइट अभियान में शामिल कांस्टेबल ने आउट ऑफ टर्न प्रमोशन के लिए याचिका दायर की थी।

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पुरानी पुलिस लाइन कबीरधाम निवासी ओमप्रकाश पटेल कबीरधाम जिले में प्रधान आरक्षक (हेड कांस्टेबल) के पद पर पदस्थ हैं। सेवा काल के दौरान वर्ष 2018 में वे अपनी पुलिस टीम के साथ ग्राम- धूमाछापर जंगल, पुलिस थाना-तरेगांव में वर्ष 2018 में एक नक्सलाइट ऑपरेशन में शामिल हुए। अपनी जान को जोखिम में डालकर नक्सलियों को मारा था एवं काफी मात्रा में हथियार एवं गोला बारूद बरामद किया था। उक्त ऑपरेशन के बावजूद ओमप्रकाश पटेल को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन प्रदान नहीं दिया गया। इस पर क्षुब्ध होकर ओमप्रकाश ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

 


हाईकोर्ट के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि छत्तीसगढ़ पुलिस रेगुलेशन 1861 के रेगुलेशन 70 में यह प्रावधान है कि यदि कोई पुलिस अधिकारी, कर्मचारी अपनी जान को जोखिम में डालकर किसी नक्सलाइट ऑपरेशन में शामिल होकर अत्यन्त वीरता एवं साहसपूर्ण कार्य करता है तो उसे उच्च पद पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन प्रदान किया जाएगा। 

 

याचिकाकर्ता द्वारा वर्ष 2018 में ग्राम धूमाछापर जंगल, पुलिस थाना-तरेगांव, जिला कबीरधाम में एक नक्सलाइट ऑपरेशन में शामिल होकर नक्सलियों को मार गिराया था एवं काफी मात्रा में गोला बारूद बरामद किया गया था। इस आधार पर याचिकाकर्ता को प्रधान आरक्षक से सहायक उप निरीक्षक के पद पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन प्रदान किया जाना चाहिए। याचिका पर सुनवाई के पश्चात् कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता को यह निर्देशित किया गया कि वे उक्त तथ्य की सूक्ष्मता से जांच करें। जांच के पश्चात यह पाया जाता है कि याचिकाकर्ता प्रमोशन का पात्र है तो उसे तत्काल सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) के पद पर प्रमोशन के लिए प्रक्रिया की जाए।

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