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Bijapur: मंडल संयोजक से हटे और भूल गये स्कूल का रास्ता, हेड मास्टर ने गैरहाजिर रहकर ले ली छह महीने की तनख्वाह

Mon, 29 Jul 2024 10:12 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर

सार

मामले का खुलासा तब हुआ जब उसूर ब्लॉक के अधीक्षकों ने वर्तमान प्रभारी मंडल संयोजक को हटाने के लिए मोर्चा खोल दिया। इस विवाद में वर्तमान और पूर्व मंडल संयोजक के दो गुट बन गये जो एक दूसरे की करतूत उजागर करने लगे।
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हेड मास्टर पंदमपल्ली रामकृष्णा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्कूली शिक्षा को दुरुस्त करने में लगे जिला प्रशासन के प्रयासों पर शिक्षक कैसे पलीता लगा रहे हैं, इसकी बानगी उसूर ब्लॉक में देखने को मिलती है। ताजा मामला यहां के पुसबाक प्राथमिक शाला के हेड मास्टर का है जो बीते 6 महीने से स्कूल नहीं गया और बाकायदा गैर हाजिरी के बाद पूरी तनख्वाह डकार ली।

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मामले मे संबंधित बीईओ और संकुल समन्वयक के बयान विरोधाभाषी होने से उसूर ब्लॉक की शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। जानकारी के मुताबिक प्राथमिक, शाला पुसबाका के हेड मास्टर पंदमपल्ली रामकृष्णा 6 महीने पहले आदिवासी विकास विभाग में प्रभारी मंडल संयोजक उसूर के पद पर काबिज थे।
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सत्ता बदलने के साथ मंडल संयोजक की कुर्सी भी बदल गई। अब कुर्सी बदलने के आदेश के बाद वापस मूल संस्था में जाना पूर्व मंडल संयोजक ने जरूरी नहीं समझा और 18 जनवरी 24 के बाद स्कूल की चौखट पर कदम नहीं रखा। मामले की पड़ताल करने पर जानकारी मिली कि जनवरी 2024 में जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद पंदम्पल्ली रामकृष्णा ब्लॉक मुख्यालय में अधिकारियो के साथ घूमते रहे और बिना स्कूल में हाजिरी दिये तनख्वाह लेते रहे ।

मामले का खुलासा तब हुआ जब उसूर ब्लॉक के अधीक्षकों ने वर्तमान प्रभारी मंडल संयोजक को हटाने के लिए मोर्चा खोल दिया। इस विवाद में वर्तमान और पूर्व मंडल संयोजक के दो गुट बन गये जो एक दूसरे की करतूत उजागर करने लगे। दोनों के ही राजनैतिक पक्ष से जुड़े होने से मामला पेचीदा बन गया है। वर्तमान मंडल संयोजक राम प्रसाद सारके पर अधीक्षकों ने पैसे की उगाही का आरोप लगा पद से हटाने की मांग सहायक आयुक्त और जिला पंचायत सदस्य से की है। इस बात की जांच होने से पहले नया खुलासा सामने आ गया, जिसमें बगैर हाजिरी के तनख्वाह लेने के गंभीर आरोप पूर्व मंडल संयोजक रामकृष्णा पर लगे हैँ।

बीईओ और सीएसी के बयान जुदा
मामले पर बीईओ संतोष गुप्ता ने कहा कि संबंधित ड्यूटी कर रहा है, जिसे पर डाटा में उपस्थिति के आधार पर वेतन भुगतान किया जाता है। वहीं दूसरी ओर संकुल समन्वयक रामबाबू बिराबोइना ने कहा कि राम कृष्णा मंडल संयोजक से जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद न तो स्कूल में कार्यभार ग्रहण किया और न ही आज तक उपस्थित हुए। संकुल समन्वयक ने कहा कि मेरे द्वारा पर डाटा में उपस्थिति की कोई जानकरी नहीं दी है। वहीं इस मामले में जब जिला शिक्षा अधिकारी रमेश निषाद से बात की गई तो उनका कहना था कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से कुछ पता जरूर चला है। वे कल जाकर मामले की पड़ताल करेंगे। उन्होंने दोषी पाए जाने पर कार्रवाई किये जाने की बात भी कही है।
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