पहले राउंड से ही कांग्रेस प्रत्याशी ने बनाई बढ़त
कांग्रेस उम्मीदवार सावित्री मंडावी पहले राउंड से ही बढ़त बनाए हुए थीं। यह सिलसिला जो शुरू हुआ, वह आखिरी राउंड तक कायम ही रहा। इस चुनाव में सबसे ज्यादा दम सर्व आदिवासी समाज के प्रत्याशी अकबर राम कोर्राम ने दिखाया। शुरू से माना जा रहा था कि मुख्य टक्कर भाजपा और कांग्रेस के बीच है, लेकिन अकबर राम कोर्राम ने एक राउंड में ब्रह्मानंद को पछाड़ दिया। हालांकि इसके बाद उन्होंने काफी संघर्ष के बाद बढ़त बनाई। फिर भी अंतर अकबर से कुछ ज्यादा नहीं रहा।
इस तरह बढ़ता गया जीत का सिलसिला
| मतगणना राउंड |
सावित्री मंडावी (कांग्रेस) |
ब्रह्मानंद नेताम (भाजपा) |
अकबर राम कोर्राम (सर्व आदिवासी समाज समर्थित) |
| पहला |
3397 |
1490 |
1196 |
| दूसरा |
2415 |
1488 |
2143 |
| तीसरा |
3780 |
1381 |
1657 |
| चौथा |
3732 |
1325 |
1635 |
| पांचवां |
2809 |
1433 |
2522 |
| छठवां |
3617 |
2703 |
464 |
| सातवां |
3306 |
2027 |
3032 |
| आठवां |
3604 |
2377 |
1331 |
| नौवां |
1554 |
3554 |
1247 |
| 10वां |
3627 |
2119 |
1423 |
| 11वां |
4031 |
3590 |
677 |
| 12वां |
3164 |
2578 |
1559 |
| 13वां |
3837 |
2084 |
841 |
| 14वां |
4150 |
3420 |
810 |
| 15वां |
3384 |
4012 |
646 |
| 16वां |
3982 |
3486 |
684 |
| 17वां |
3824 |
2225 |
288 |
| 18वां |
3775 |
3153 |
1037 |
| 19वां |
1297 |
1084 |
179 |
| कुल वोट |
65327 |
44229 |
23371 |
छठवें राउंड के बाद ही कांग्रेस में शुरू हो गया जश्न
भाजपा उम्मीदवार के लगातार पीछे चलने के चलते कार्यकर्ताओं का भी जोश ठंडा हो गया। छठवें राउंड के बाद ही उन्होंने लौटना शुरू कर दिया था। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के खेमे में ढोल और पटाखों के साथ जश्न का माहौल अंगड़ाई ले रहा था। इसका नजारा दिखना शुरू भी हो गया था। आठवें राउंड के समाप्त होने के बाद ही पटाखे चलने लगे। कार्यकर्ताओं के इस जोश में पीसीसी चीफ मरकाम भी शामिल हुए। वहीं आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने डांस करना शुरू कर दिया।
पहली बार कांग्रेस की हैट्रिक
दरअसल, साल 1962 में भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट वजूद में आई थी। इसके बाद से 13 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। इनमें से कांग्रेस ने छह बार जीत दर्ज की है। हालांकि 1985 से कांग्रेस के साथ भाजपा भी मैदान में हैं। दोनों पार्टी के उम्मीदवारों ने लगातार दो बार तो जीत दर्ज की है, लेकिन हैट्रिक कोई नहीं लगा सका था। कांग्रेस इस रिकार्ड को तोड़ने का दावा किया और तीसरी बार भानुप्रतापपुर सीट अपने नाम कर ली।
प्रत्याशियों से ज्यादा नोटा को मिले वोट
भानुप्रतापपुर उपचुनाव में कुल सात प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें से असल मुकाबला तीन उम्मीदवारों के बीच ही हुआ। बाकी चार उम्मीदवारों से ज्यादा वोट तो नोटा को मिले। जबकि दो प्रत्याशियों की जमानत तक जब्त हो गई।
| प्रत्याशी |
पार्टी |
वोट |
| ब्रह्मानंद नेताम |
भाजपा |
44229 |
| सावित्री मंडावी |
कांग्रेस |
65327 |
| के.घनश्याम जुरी |
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी |
2479 |
| शिवलाल |
पूडो अंबेडकराइट पार्टी |
1337 |
| हीरा नेताम |
राष्ट्रीय जन संघ |
813 |
| अकबर राम कोराम |
सर्व आदिवासी समाज |
23417 |
| दिनेश कल्लो |
निर्दलीय |
3851 |
| नोटा |
|
4243 |
भाजपा ने आदिवासियों का लड़ाने का काम किया
मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि सरकार आदिवासी हित की सरकार है. भाजपा ने हमारे आदिवासियों को लड़ाने की कोशिश की, जिसका नतीजा उनको चुनाव में देखने को मिल गया है. मंत्री लखमा ने कहा, अकबर कोर्राम हमारे आदिवासी भाई हैं. हम कभी लड़ नहीं सकते. मंत्री लखमा ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर कार्यकर्ताओं के साथ खुशी मनाई।
विधान सभा भानुप्रतापपुर के अबतक के विधायक
| साल |
प्रत्याशी |
पार्टी |
| 1962 |
राम प्रसाद |
निर्दलीय |
| 1967 |
जे हथोई |
पीएसपी |
| 1972 |
सत्यनारायण सिंह |
कांग्रेस |
| 1979 |
प्यारेलाल सुखलाल सिंह |
जनता पार्टी |
| 1980 |
गंगा पोटाई |
कांग्रेस |
| 1985 |
गंगा पोटाई |
कांग्रेस |
| 1990 |
झाड़ूराम रावटे |
निर्दलीय |
| 1993 |
देवलाल दुज्गा |
भाजपा |
| 1998 |
मनोज मंडावी |
कांग्रेस |
| 2003 |
देवलाल दुज्गा |
भाजपा |
| 2008 |
ब्रम्हानंद नेताम |
भाजपा |
| 2013 |
मनाेज मंडावी |
कांग्रेस |
| 2018 |
मनेाज मंडावी |
कांग्रेस |