छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया था। हालांकि बाद में उन्हें वापस जेल भेज दिया गया। गौरेला थाने के थाना प्रभारी दिनेश कुर्रे ने बृहस्पतिवार को बताया कि पेंड्रा उप-जेल में बंद मरवाही क्षेत्र के पूर्व विधायक अमित जोगी की तबीयत अचानक बुधवार रात बिगड़ गई।
कुर्रे ने बताया कि बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे अमित जोगी ने सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द की शिकायत की थी। जेल चिकित्सक ने उनका प्रारंभिक परीक्षण किया और उन्हें अस्पताल भेजने की सलाह दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जेल प्रबंधन और स्थानीय पुलिस ने पहले जोगी को रात करीब साढ़े दस बजे गौरेला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में और बाद में गौरेला-पेन्ड्रा के ही सेनेटोरियम अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण के बाद जरूरी उपचार किया।
कुर्रे ने बताया कि देर रात करीब तीन बजे जोगी के स्वास्थ्य में आवश्यक सुधार आने के बाद उन्हें वापस जेल दाखिल कर दिया गया है। बिलासपुर जिले की पुलिस ने अमित जोगी को वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपने जन्म स्थान के बारे में गलत जानकारी देने के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार किया था।
जोगी को गौरेला-पेन्ड्रा के प्रथम श्रेणी न्यायायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने जोगी के जमानत आवेदन को ख़ारिज कर दिया था और उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। बाद में जोगी ने अपर जिला और सत्र अदालत में भी जमानत की अर्जी लगाई थी जिसे अदालत ने खारिज कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस वर्ष फरवरी महीने में भारतीय जनता पार्टी की ओर से मरवाही विधानसभा सीट से प्रत्याशी रही समीरा पैकरा ने जिले के गौरेला थाना में अमित जोगी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।