छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा सीट को जीतने के लिए कांग्रेस ने पूरी ताकत लगा दी है। सत्ता से लेकर संगठन हर बूथ पर बढ़त बनाने की रणनीति पर जुट गया है। राजीव भवन में मंगलवार को मोर्चा प्रकोष्ठों की बैठक हुई।
इस बैठक में पीसीसी के प्रभारी पीएल पुनिया और कार्यकारी अध्यक्ष और मंत्री शिव डहरिया मौजूद रहे। इस बैठक में दो-ढाई हजार मतों से पिछड़ने वाले कमजोर बूथों को जितने की जिम्मेदारी मोर्चा-प्रकोष्ठों को दी गई।
साथ ही नक्सल दहशत को लेकर स्थानांतरित किए जाने वाले 18 हजार बूथों में शत-प्रतिशत वोटिंग को लेकर भी योजना बनाई गई। मोर्चा-प्रकोष्ठों के अध्यक्षों को कल नामांकन के बाद से बूथों पर बढ़त बनाने के लिए जुट जाने के लिए कहा गया है।
बता दें कि पिछली बार भाजपा दंतेवाड़ा शहर के बूथों पर कांग्रेस को पछाड़ने में कामयाब रही। यही वजह है कि कांग्रेस शहरी इलाके में बढ़त बनाने की रणनीति बनाने में जुटी हुई है।
बुधवार को नामांकन के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, पीसीसी चीफ मोहन मरकाम, प्रभारी पीएल पुनिया और प्रभारी सचिव चंदन यादव की मौजूदगी में जिलाध्यक्ष व पदाधिकारियों के साथ मीटिंग कर जीत की विस्तृत रणनीति बनेगी।
विधानसभा चुनावों में मिली प्रचंड जीत के बाद दंतेवाड़ा सीट पर होने वाला चुनाव कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। यही वजह है कि कांग्रेस के दिग्गज व वरिष्ठ नेताओं ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया है।
पीसीसी चीफ खुद बस्तर संभाग से हैं, ऐसे में मोहन मरकाम ने पहले से ही दंतेवाड़ा में डेरा डाल दिया है। पुनिया भी बुधवार को बस्तर में ही रात गुजारेंगे। बताया जा रहा है कि स्थानीय कार्यकर्ताओं से मिलकर वे बूथों को जीतने की रणनीति बनाएंगे। इसमें जिला अध्यक्षों व मोर्चा-प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों से भी मिलेंगे।