दरअसल, घटनाक्रम की शुरुआत तीन अप्रैल सोमवार को हुई जब एक किसान की शिकायत पर बृहस्पति सिंह सहकारी बैंक की रामानुजगंज शाखा पहुंचे। उन्होंने बैंक के लिपिक राजेश पाल एवं भृत्य अरविंद सिंह को बैंक के बाहर बुलाया और सैकड़ों की संख्या में किसानों की मौजूदगी में उन्हें एक के बाद एक कई थप्पड़ जड़ दिए। यह पूरा घटनाक्रम बैंक के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। इस घटना के विरोध में सहकारी बैंक के कर्मचारियों ने दो दिनों की हड़ताल का एलान करते हुए बुधवार के बाद गुरुवार को भी अवकाश लेकर सामूहिक हड़ताल की। इसके कारण सरगुजा संभाग के पांच जिलों सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया एवं जशपुर की सभी बैंक शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहा।
धरने में गरजे विधायक बृहस्पति सिंह
रामानुजगंज विधायक बृहस्पति सिंह की अगुवाई में बलरामपुर एवं रामचंद्रपुर ब्लॉक के हजारों किसानों की उपस्थिति में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की रामानुजगंज शाखा के विरोध में आयोजित धरने में बृहस्पति सिंह ने कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यव्हार या जुल्म बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार जब से बनी है तब से किसान पुत्र मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा किसानों की हित में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। ऋण माफी से लेकर अन्य कई ऐसे कार्य हुए जिससे किसानों के चेहरे पर मुस्कान है। मैं भी किसान का बेटा और खुद भी किसान हूं। मैं किसानों का दर्द समझता हूं। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा रामानुजगंज में लंबे समय से भ्रष्ट कार्य प्रणाली चल रही है, इससे किसानों में गहरा आक्रोश है। किसानों के साथ कोई भी अनैतिक व्यवहार या जुल्म करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
नेताम पर साधा निशाना
विधायक बृहस्पति सिंह ने कहा कि जिला सहकारी बैंक की भ्रष्ट कार्य प्रणाली से हमारे विधानसभा के किसान त्रस्त हैं, परंतु जब मैं किसानों की हित में आवाज उठा रहा हूं तो पूर्व मंत्री रामविचार नेताम के पेट में दर्द क्यों हो रहा है? उन्होंने कहा कि उनकी 15 वर्ष तक बैंक से साठगांठ थी। इस कारण किसानों की हित में जब मैं आवाज उठा रहा हूं तो उन्हें बर्दाश्त नहीं हो रहा है।
कई किसानों ने बताई पीड़ा
धरने में किसानों ने भी अपनी पीड़ा बताई। एक किसान ने कहा कि मेरे भाई का स्वास्थ्य ज्यादा खराब था। बुजुर्ग पिताजी के बैंक खाते में पर्याप्त राशि होने के बावजूद पैसे नहीं निकाल सका और उनका उपचार नहीं हो सका। कई किसानों ने केसीसी से फर्जी तरीके से लोन निकाल लेने की शिकायत करते हुए कहा कि घर में नोटिस पहुंचने पर उन्हें लोन की जानकारी हुई। ग्राम मितगई सरपंच प्रेम सिंह, जनपद सदस्य मोहम्मद बक्स सहित अन्य वक्ताओं ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा रामानुजगंज के एक संविदा कर्मचारी को लेकर आरोप लगाया कि 8000 महीना पाने आने वाला संविदा कर्मचारी कैसे आज करोड़ों का मालिक है। किसानों ने कमीशन मांगने वालों एवं अनियमितता करने वालों पर एफआईआर दर्ज कराने की भी मांग की है।