छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में एक बार फिर असंतोष की चिंगारी उठने लगी है। वरिष्ठ मंत्री टीएस सिंहदेव और सीएम बघेल के बीच तनातनी शुरू हो गई है। सिंहदेव ने जहां पंचायत व ग्रामीण मंत्री का पद छोड़ दिया है, वहीं सीएम ने तुरंत इसका प्रभार रवींद्र चौबे को सौंप दिया।
सरकार में बढ़ती दरार को देखते हुए कांग्रेस इसे पाटने में जुट गई है। छत्तीसगढ़ के प्रभारी महासचिव पीएल पूनिया ने कहा है कि केंद्रीय नेतृत्व को हालात के बारे में पूरी जानकारी है और वह दखल देगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूनिया ने राज्य के ताजा राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा करते हुए कहा कि सिंहदेव ने सिर्फ एक विभाग छोड़ा है। सिंहदेव ने सीएम बघेल को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने असहमति जताई है। मैंने दोनों से बात करने की कोशिश की। केंद्रीय नेतृत्व को भी पूरी जानकारी है, जो भी कार्रवाई जरूरी होगी वह की जाएगी। पत्र में सिंहदेव ने यह विभाग छोड़ने के कारणों का जिक्र किया है। यह भी लिखा है कि वे अन्य चार विभागों को संभालते रहेंगे।
बघेल को मीडिया रिपोर्ट से पता चला
सिंहदेव का विभाग मंत्री रवींद्र चौबे को सौंपने के बारे में पूनिया ने कहा कि जिम्मेदारी एक अन्य मंत्री को दी गई है, इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। चूंकि, छत्तीसगढ़ विधानसभा का सत्र जारी है और विभाग के कामकाज से संबंधित प्रश्न पूछे गए हैं, इसलिए सिंहदेव के अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया है। उनका विभाग एक अन्य मंत्री को दे दिया गया है।
उधर, सीएम बघेल कहा है कि उन्हें मीडिया रिपोर्टों से सिंहदेव के इस्तीफे के बारे में पता चला है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल में पूर्ण समन्वय है। मुद्दों पर साथ बैठकर चर्चा की जा सकती है।
लंबे समय से मनमुटाव
दरअसल, सीएम बघेल व सिंहदेव के बीच मनमुटाव लंबे समय से चला आ रहा है। इससे पहले भी दोनों के बीच तनाव पैदा होने पर मामला हाईकमान के पास पहुंचा था। हाईकमान की समझाइश के बाद सिंहदेव और उनके समर्थक शांत पड़े थे।
महाराष्ट्र जैसे हालात, बड़ा विस्फोट होगा : डॉ. रमनसिंह
उधर, पूर्व सीएम व वरिष्ठ नेता डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि टीएस सिंहदेव के इस्तीफे से यह बात साफ हो गई है कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच भारी मतभेद हैं। राज्य में महाराष्ट्र जैसे हालात पैदा हो गए हैं। बघेल सरकार में मंत्रियों के पास कोई अधिकार नहीं है। अभी तो एक ने इस्तीफा दिया है, सब मंत्रियों-विधायकों के मन में भी भारी आक्रोश है, देखना बड़ा विस्फोट होगा। सिंहदेव जैसे वरिष्ठ मंत्री के पास कोई अधिकार नहीं हैं। वह पीएम आवास योजना के लिए पैसा तक नहीं दे सकते।