छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वास्थ्य संचालनालय में उप संचालक के संवेदनशील पद पर पदस्थ डॉ. धर्मेंद्र कुमार गहवई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शासन स्तर पर ली गई इस सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के बाद से स्वास्थ्य विभाग के गलियारों के साथ पूरे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
अनुशासनहीनता पर कड़ा रुख
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार डॉ. धर्मेंद्र कुमार गहवई द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन के दौरान शासकीय आचरण नियमों का गंभीर उल्लंघन किया गया था। नियमों के इसी उल्लंघन के चलते शासन ने यह कड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाया है। मंत्रालय महानदी भवन से अवर सचिव दिव्या वैष्णव के हस्ताक्षर से यह निलंबन आदेश जारी किया गया है। इस पूरी कार्रवाई के जरिये शासन ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि प्रशासनिक स्तर पर किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या नियमों के विपरीत किया गया आचरण किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यालय छोड़ने पर पाबंदी
जारी किए गए इस निलंबन आदेश के तहत डॉ. धर्मेंद्र का मुख्यालय रायपुर ही निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान वे सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना अपना निर्धारित मुख्यालय बिल्कुल नहीं छोड़ सकेंगे। सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना रायपुर से बाहर जाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। मंत्रालय से जारी इस आदेश में यह भी स्पष्ट तौर पर उल्लेख किया गया है कि निलंबन काल के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पूरी पात्रता होगी। छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक और स्वास्थ्य महकमे में इन दिनों उप संचालक डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार गहवई का यह निलंबन गहन चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
नियमों के उल्लंघन का मामला
राज्य में किसी भी शासकीय सेवक, वह कर्मचारी हो या अधिकारी, को अपने पद की गरिमा और प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों का निष्ठापूर्वक पालन करना अनिवार्य होता है। जब कोई उच्च पदस्थ अधिकारी इन नियमों के विपरीत जाकर ऐसा कोई आचरण प्रदर्शित करता है, जिसे प्रशासनिक अनुशासनहीनता या पदीय दायित्वों के खिलाफ माना जाता है, तो शासन स्तर पर सख्त और कड़े कदम उठाए जाते हैं।