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Bilaspur: बिजली ऑफिस के एटीपी ऑपरेटर से लूट के आरोपी गिरफ्तार, 11 लाख 70 हजार कैश बरामद, एक की पुलिस को तलाश

Wed, 16 Nov 2022 10:16 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर

सार

पूर्व लाईनमैन ने ही लूट की योजना बनाई थी। लूट के मास्टरमाइंड पहले उस ऑफिस मे लाईनमैन का काम कर चूका है। उसे अच्छे से पता था कि हर माह 10 से 15 तारीख तक एटीपी मशीन मे बिजली भुगतान की राशि जमा होती है। 
 
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डकैती के आरोपी गिरप्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिलासपुर के दयालबंद इलाके के बिजली ऑफिस में 13 लाख रुपए की डकैती के मामले में क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस को आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली है। 60 साल के दिव्यांग बुजुर्ग ने अपने दोस्तों के साथ योजना बनाकर एटीपी ऑपरेटर से डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने उनके कब्जे से 11 लाख 70 हजार रुपये बरामद किया है। लूट में शामिल उनका एक साथी अब भी फरार है जिसे पुलिस तलाश कर रही है।

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दरअसल बिलासपुर की एसएसपी पारुल माथुर ने मंगलवार देर शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी की दयालबंद स्थित मेन रोड में विद्युत मंडल सहायक अभियंता कार्यालय है जहां कार्य करने वाले एटीपी ऑपरेटर वीरेंद्र सोनवानी एटीपी मशीन से बिजली बिल के भुगतान की राशि की गिनती कर रहा था। इसी दौरान तीन डकैत कार्यालय के अंदर घुस गए और उस पर चाकू दिखाकर धमकी दिया और उसके ऊपर स्प्रे डालकर मारपीट करने लगे साथ ही मौका देखकर 13 लाख 35 हजार रूपये लूटकर फरार हो गए। 

 


लूट की घटना के बाद पुलिस के अफसर क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंच गए और आसपास सीसीटीवी फुटेज खंगालने लगे। इसी दौरान फुटेज में करबला निवासी 60 वर्षीय दिव्यांग पिंटू साइकिल में भागते नजर आया। पुलिस के द्वारा उसका मोबाइल लोकेशन निकाला जिस पर उसका मोबाइल नंबर सही पाया। क्राइम ब्रांच की टीम ने उसके घर में दबिश दी तब वह घर पर नहीं मिला। घर वालों ने बताया की हमेशा की तरह वह 7 बजे घर आ जाते हैं लेकिन आज नहीं लौटे है।

 

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पुलिस उसके घर पर ही इंतजार कर रही थी रात करीब 10:00 बजे पुलिस को उसका मोबाइल का लोकेशन गांधी चौक में मिला। पुलिस ने वहां पहुंचकर उसे दबोच लिया। उसके बाद उसके चार आरोपियों को उनके घरों से पकडा। वही आरोपी मंगल सिंह और उसके भाई राजा गोड के घर शाम को मास्टरमाइंड सहित सभी लोग मरघट के पास इकट्ठा हुए। उसके बाद उन सभी ने मिलकर खूब शराब पिया और हथियार लेकर पैदल ही बिजली ऑफिस में जाकर डाका डाला उसके बाद भागकर दयालबंद के श्मशान घाट में आपस में मिलकर सभी ने रकम को आपसी मे बंटवारा किया।


पूर्व लाईनमैन ने ही लूट की योजना बनाई थी। लूट के मास्टरमाइंड पहले उस ऑफिस मे लाईनमैन का काम कर चूका है। उसे अच्छे से पता था कि हर माह 10 से 15 तारीख तक एटीपी मशीन मे बिजली भुगतान की राशि जमा होती है। 

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