मरवाही के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ माली को एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने बताया, 'तुम्हारा बेटा दुष्कर्म के केस में फंस गया। इस मामले से बचाने के लिए दो लाख रुपये चाहिए।' माली ने उसे किस्तों में दो लाख रुपये दिए। जब उसे यह पता चला की उसके साथ ठगी की गई है तो मामले की शिकायत पुलिस से की। पीड़ित माली की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी अज्ञात मोबाइल धारक और अज्ञात खाताधारक के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, कुम्हारी गाव के पंडरीपानी में रहने वाले अवधेश कुमार भट्ट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही में माली के पद पर पदस्थ हैं। तीन दिन पहले एक अज्ञात मोबाइल नंबर से अवधेश के मोबाइल पर कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा, 'तुम्हारा तुम्हारा लड़का रायपुर में पढ़ता है, जिसका नाम सुयश है। उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर दुष्कर्म किया है। उसे हमने थाने में बैठा रखा है। वह छूट सकता है..जितनी जल्दी हो सके उसे छुड़ा लो और आपको रायपुर आने की भी जरूरत नहीं है।'
कॉल करने वाले ने आगे कहा कि जो फोन नंबर दे रहा हूं, उसमें एक लाख रुपये डाल दो। उसके कहने पर अवधेश कुमार भट्ट ने 80 हजार रुपये मोबाइल नंबर 9516819905 पर ऑनलाइन माध्यम से भेजे और उसका स्क्रीनशॉर्ट लेकर भी भेजा। इसके बाद उसने कहा कि दूसरे फोन पे का नंबर दे रहा हूं, उसमें बाकी रुपये डालो। उसके कहने 9303260974 नंबर पर अवधेश ने 20 हजार रुपये और भेज दिए। इसके बाद कॉल करने वाले ने कहा कि यह रुपये तो पकड़ने वाले का मुह बंद कराने के लिए थे। थाना प्रभारी साहब के लिए अलग से एक लाख देना पड़ेगा बोला तो अवधेश ने कहा कि मैं छोटा कर्मचारी हूं इतना पैसा नहीं है।
इसके बाद कॉल करने वाले ने कहा कि जब तक पूरा पैसा नहीं डालोगे तब तक तुम्हारा लड़का नहीं छूटेगा और उसके बाद वह अवधेश को चिल्लाने लगा। इसके बाद डरकर अवधेश ने कहा कि फोन की लिमिट खत्म हो गई है। रुपये नहीं जा रहे हैं तो अज्ञात व्यक्ति ने कहा कि मैं खाता नंबर दे रहा हूं उसे नोट करो और बैंक जाकर रुपये डालो खाता नंबर रिंकू देवी के नाम पर था, जिसके बाद अवधेश डरे सहमे खाता नंबर 38846174214 में बैंक जाकर पहले 70 हजार और उसके बाद 30 हजार रुपये डाल दिए। जमा पर्ची की रसीद की फोटो उसे भेजी।
इसके बाद कॉल करने वाले ने कहा कि डाक्टर साहब को जांच से नाम हटाने के लिए एक लाख नब्बे हजार रुपये अलग से देने पडेंगे। इसके बाद अवधेश को शंका हुई की उसके साथ फ्रॉड हुआ है। जिस नंबर से फोन आया था वह मोबाइल नंबर अवधेश के फोन से हट गया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित अवधेश कुमार भट्ट ने मरवाही थाने पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने तत्काल पीड़ित की शिकायत पर मोबाइल नंबर 9516819905 व 9303260974 व बैंक खाता क्रमांक 38846174214 धारक के खिलाफ धारा 318(4) BNS का अपराध दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है।
वहीं, पुलिस का कहना है मामले की शिकायत के बाद तत्काल पुलिस साइबर सेल की मदद से पीड़ित के एक लाख रुपये का ट्रांजेक्शन जो प्रोसेस में थे, उसे होल्ड कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।