देवराज चेरवा और उनके बेटे महिपाल चेवरा, छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सेरादंद गांव में सिर्फ दो ही लोग हैं जो आगामी विधानसभा चुनाव में 126 नंबर पोलिंग बूथ में अपना वोट डाल रहे होंगे।
कोरिया के दूर-दराज एक ऐसा गांव जहां इस क्षेत्र में इन पिता-बेटे के सिवा वोट डालने वाला कोई नहीं है। दिलचस्प बात यह है, कि इस क्षेत्र में सिर्फ इऩ दो लोगों के लिए पोलिंग बूथ लगाया जा रहा है ताकि ये वोट डाल सकें।
इससे पहले इस गांव में कुल तीन वोटर्स थे। लेकिन कुछ महीनों पहले फूलवती चेरवा की मौत हो जाने के कारण अब यहां महज दो वोटर ही बाकी रह गए हैं।
जानकारी के मुताबिक कोरिया का यह गांव एक ऐसा बीहड़ इलाका है जहां न सड़क पहुंचती है, न ही बिजली। यहां पिता-बेटे के लिए लगाए जा रहे पोलिंग बूथ के लिए कुल आठ लोग तैनात होंगे जो अपनी ड्यूटी निभा रहे होंगे।
सेरादंद के इस इलाके तक पहुंचने के लिए पांच किलोमीटर पैदल आना पड़ता है। यहां केवल झोपड़ियां है और पूरा इलाका पहाड़ियों से घिरा है।
इससे पहले देवराज और उनके बेटे का नाम 2008 के चुनावों में नामांकित किया गया था। उस चुनाव में दोनों को वोट डालने के लिए 5 किलोमीटर पैदल चलकर आना पड़ा था।
लेकिन इलेक्शन कमीशन के निर्देशों के मुताबिक किसी भी वोटर को सिर्फ दो किलोमीटर के भीतर ही पोलिंग बूथ मिल जाना चाहिए। इसलिए सिर्फ दो वोटर होने के बावजूद छत्तीसगढ के इन पिता बेटे के लिए खास तौर पर पोलिंग बूथ तैयार किया गया है।