छत्तीसगढ़ के 36 शासकीय आईटीआई का आधुनिकीकरण होना है। इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने टाटा के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे प्रदेश के युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा। इस पहल से प्लेसमेंट कैंप के माध्यम से रोजगार का अवसर भी मिलेगा। सीएम भूपेश ने विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय कक्ष में प्रदेश के 36 आईटीआई को मॉर्डन बनाने के लिए करीब 11 लाख 88 हजार 36 करोड़ की परियेाजना पर हस्ताक्षर किया।
कैसे मिलेगा लाभ
तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग और टाटा टेक्नोलॉजीस के बीच एमओयू हुआ। इसके तहत 36 आईटीआई संस्थानों में युवाओं को 6 नए ट्रेडों में और 23 शॉर्ट टर्म कोर्स में प्रशिक्षण दिया जाएगा। टाटा टेक्नोलॉजीस राज्य के चयनित आईटीआई में अत्याधुनिक तकनीकी वर्कशॉप की स्थापना करेगी। इसके साथ ही प्रशिक्षकों की व्यवस्था करेगी। इतना ही नहीं प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को प्लेसमेंट देने में टाटा और उनकी सहयोगी कंपनी सहयोग करेगी। इस परियोजना से प्रति साल 10 हजार से अधिक युवाओं को नए जमाने के अनुरूप तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा।
राज्य के युवाओं को अपने कौशल को विकसित करने का अच्छा अवसर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आईटीआई के उन्नयन और आधुनिकीकरण से राज्य के युवाओं को अपने कौशल को विकसित करने का अच्छा अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार की ओर से कई नए उपाय किए हैं, जिससे किसानों, मजदूरों, वनांचलों में रहने वाले आदिवासियों की आय में वृद्धि हुई है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश है कि गांव उत्पादन का केंद्र और शहर व्यापार के केंद्र के रूप में स्थापित हो।
रीपा को आधुनिक बनाने टाटा टेक्नोलॉजीस से सहयोग के लिए अनुरोध
बघेल ने टाटा टेक्नोलॉजीस के अधिकारियों से कहा कि गांव में छोटे-मोटे उद्योग स्थापित करने के इच्छुक युवाओं को अवसर देने के लिए प्रदेश में 300 रूरल इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित किए गए हैं, जो व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए जमीन, बिजली, पानी, शेड, प्रशिक्षण, वाई-फाई की सुविधा और बैंकिंग लिंकेज दिया जा रहा है। रीपा को अधिक विकसित करने में सहयोग का आग्रह किया। टाटा टेक्नोलॉजीस के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और यहां रोजगार के अवसर विकसित करने के राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की।
ये आईटीआई होंगे मॉर्डन
टाटा टेक्नोलॉजीस लिमिटड के सहयोग से जिन आईटीआई का उन्नयन किया जाएगा उनमें शासकीय आईटीआई - बैकुण्ठपुर, ओड़गी वाड्रफनगर, मैनपाट, बगीचा, लोरमी, कोनी- बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर, अकलतरा, हसौद, रायगढ़, खरसिया, राजनांदगांव, डोंगरगांव, मानपुर, छुईखदान, पंड़रिया, गुंड़रदेही, दल्लीराजहरा, गुरूर, दुर्ग, पाटन, धरसींवा, हीरापुर, आरंग, अभनपुर, भाटापारा, सिमगा, बागबाहरा, पिथौरा, कांकेर, अंतागढ़, चारामा, नगरनार एवं दंतेवाड़ा शामिल हैं।
6 नवीन तकनीकी ट्रेडों में मिलेगा प्रशिक्षण
आईटीआई उन्नयन परियोजना के 6 नवीन तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षण की सुविधा प्राप्त होगी। इसमें एक वर्षीय ट्रेड में आर्टीजन यूजिंग एडवांस टूल, इंडस्ट्रीयल रोबोटिक्स एंड डिजिटल मैन्यूफैचरिंग टेक्निशियन, मैन्यूफैचरिंग प्रोसेस कंट्रोल एंड ऑटोमेशन शामिल हैं। इसी प्रकार दो वर्षीय ट्रेड में एडवांस सीएनसी मशीनिंग, बेसिक डिजायनर एंड वर्चुअल वेरिफायर (मैकेनिकल), मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल के ट्रेड शामिल हैं।
अत्याधुनिक तकनीकी वर्कशॉप की होगी स्थापना, 10 हजार युवा होंगे लाभान्वित
टाटा टेक्नोलॉजीस लिमिटेड द्वारा चयनित प्रत्येक आईटीआई में अत्याधुनिक तकनीकी वर्कशॉप की स्थापना की जाएगी तथा प्रशिक्षण कार्य हेतु प्रत्येक आईटीआई में प्रारंभ में दो प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। प्रशिक्षित युवाओं के प्लेसमेंट में टाटा टेक्नोलॉजीस लिमिटेड एवं उसके सहयोगी उद्योग सहयोग प्रदान करेंगे। योजना से प्रतिवर्ष लगभग 10 हजार युवा लाभान्वित होंगे।