जीरकपुर। बस स्टैंड के सामने 28/29 सितंबर की रात गोलीकांड में घायल नगला निवासी गुरविंदर सिंह की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। ढाई माह तक पीजीआई में इलाज कराने के बाद डॉक्टरों ने उसे घर भेज तो दिया, लेकिन वह अब भी जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। उसके सिर में फंसी गोली निकालना डॉक्टरों के बस में नहीं है। गुरविंदर के भाई जतिंदर सिंह के मुताबिक डॉक्टरों ने साफ शब्दों में कह दिया है कि अगर ऑपरेशन के दौरान जरा-सी भी हरकत हुई तो उसकी जान जा सकती है। सिर में गोली रह जाने से गंभीर इंफेक्शन का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में पूरा परिवार एक ऐसी दुविधा में है, जहां हर पल भय और उम्मीद के बीच लड़ाई चल रही है।
गुरविंदर को एक हफ्ते पहले ही घर लाया गया है। वह खुद खाना तक नहीं खा पा रहा। फूड पाइप के जरिए सिर्फ तरल चीजें दी जा रही हैं। दो छोटे बच्चों के पिता गुरविंदर को इस हालत में देख परिवार का हर सदस्य टूट चुका है, पर उम्मीद नहीं छोड़ना चाहते। एक मामूली तकरार ने कई जिंदगियों को दांव पर लगा दिया है।गुरविंदर सिंह के परिवार की हर सांस अब सिर्फ इसी दुआ में है कि वह जिंदगी की जंग जीत जाए।
मामूली विवाद से शुरू हुआ झगड़ा
यह पूरा मामला एक मामूली विवाद से शुरू हुआ था। शुरुआती जांच में सामने आया कि दीपक कुमार की चाय रेहड़ी पर हुए झगड़े ने इतनी भयावह शक्ल ले ली कि जीरकपुर, पंचकूला और जगतपुरा के कई युवक तलवारें, गंडासियां और देसी पिस्टल लेकर गुरविंदर और उसके साथियों पर टूट पड़े। हमले में गुरविंदर सबसे गंभीर रूप से घायल हुआ। हमलावरों ने उसके सिर पर गोली मारी जो अटक गई।
इन लोगों को किया है गिरफ्तार
पुलिस अब तक इस मामले में विजय उर्फ भरत, मुकेश (यूपी), शौकत अली उर्फ प्रिंस (बिहार), शिवम दुबे (यूपी), दीपक (उन्नाव) को गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य आरोपी विजय के कब्जे से पिस्टल और 8 एमएम के पांच कारतूस भी बरामद हुए हैं। इस मामले में शिव तिवाड़ी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। विजय की निशानदेही पर दीपक को सेक्टर-8बी इंडस्ट्रियल एरिया की झुग्गियों से पकड़ा था। दोनों आरोपी तीन दिन के पुलिस रिमांड पर हैं।