चंडीगढ़। केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि भारत अधिक लचीला, सक्षम और मजबूत बनने की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है और 2047 तक विश्व महाशक्ति बन जाएगा।
वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शनिवार को सेक्टर-39 की मंडी में सेवा पखवाड़े के तहत आयोजित स्वास्थ्य शिविर के मौके पर महिलाओं और विद्यार्थियों को संबोधित कर रही थीं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के लिए संकल्प लिया था कि आगामी 25 वर्षों में देश को महाशक्ति बनाना है। हमें इस संकल्प को पूरा करना है। हम सबको तय करना है कि राष्ट्रनिर्माण में कैसे अपना योगदान दे सकते हैं और जब हिंदुस्तान अपनी आजादी के 100 वर्ष मनाए तो देश को न सिर्फ खुद पर गौरव हो बल्कि विश्व भर की नजर हिंदुस्तान पर पड़े और दुनिया कहे कि हां ये वो भारत है जो दुनिया का मार्ग प्रशस्त करेगा।
सेवा का मनाइए उत्सव
उन्होंने कहा कि 25 साल बाद के लिए आज से जो धरोहर बुनी जा रही है, उसका नेतृत्व देश के युवा करेंगे इसलिए आज के इस कार्यक्रम में संकल्प लें कि जिस नवभारत की संकल्पना प्रधानमंत्री ने विश्व के सामने प्रस्तुत की है, उसकी नींव यह कार्यक्रम होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि जन्मदिन पर जश्न मनाते हैं। व्यक्ति विशेष का महिमामंडन करते हैं लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यकर्ताओं को अलग प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा कि उत्सव मनाना है तो सेवा का मनाओ क्योंकि यही संस्कार हमारा सबसे बड़ा शृंगार है। कहा कि नरेंद्र मोदी सिर्फ एक नाम नहीं बल्कि एक अभियान है जो आपको आपके देश और समाज के प्रति अधिकारों व जिम्मेदारी के बारे में बताता है।
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गरीब और महिलाओं के उत्थान के लिए पति से जिद करना अच्छा
कार्यक्रम के दौरान स्मृति ईरानी ने कहा कि मानवता की जननी मां है और उसकी सबसे बड़ी सेवा तब होती है जब उसके परिवार का स्वास्थ्य बेहतर रहता है। अक्सर पति को पत्नी के आदेश के अनुसार मजबूरन चलना पड़ता है। मुझे गर्व है कि चंडीगढ़ वेलफेयर ट्रस्ट की सदस्य हिमानी ने अपने पति से उस कार्य लिए जिद की जिससे गरीब और महिलाओं का उत्थान होगा, साथ ही इससे समाज का उत्थान होगा। ऐसे प्रस्ताव हर महिला अपने परिवार को दे।
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एक शेर चीता के साथ मना रहा अपना जन्मदिन
स्मृति ईरानी ने कहा कि आज का दिन गर्व का दिन है। एक शेर चीता के साथ अपना जन्मदिन मना रहा है। भारत माता के उद्घोष के साथ हम प्रधानमंत्री को यहीं से बधाई दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान मतलब जीवनदान मैंने सुना था, लेकिन 18 सितंबर को होने वाले रक्तदान शिविर में पांच हजार लोग इकट्ठा होंगे, यह इतिहास बनते पहली बार देख रहे हैं।