कोरोना काल में सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा जगत रहा। छात्र घर पर थे। उन्हें न तो कॉलेज या विश्वविद्यालय के आदेशों का पता लग पा रहा था और न ही पढ़ाई के बारे में। इसका तोड़ निकाला पंजाब यूनिवर्सिटी के केमिकल इंजीनियर विभाग के छात्र सौरव कांसल ने। उन्होंने संचालित सोशल मीडिया नेटवर्क को अपडेट किया और 48 युवाओं की टीम बना दी।
छात्रों की जरूरत के मुताबिक वर्ष 2015 में बीटेक की पढ़ाई के दौरान मैंने पीयू पल्स नाम से एक मंच बनाया। छात्रों को अपडेट करते रहना व छात्रसंघ चुनाव से जुड़ी जानकारियां इससे दी जा रही थीं लेकिन कोरोना काल में यह प्लेटफार्म बेहद कारगर साबित हुआ। इसको अपडेट करके 48 लोगों की टीम बनाई, जो कोरोना में छात्रों को घर बैठे परीक्षा, रिजल्ट, दाखिले आदि से जुड़ी सभी जानकारी दे रही है। विदेश में बैठे पीयू व कॉलेजों के छात्र भी जानकारी ले रहे हैं। - सौरव कांसल, संचालक, पीयू पल्स
पीयू पल्स चंडीगढ़ का सबसे बड़ा युवा संचार प्लेटफॉर्म है, जिसका पूर्ण संचालन विद्यार्थियों द्वारा किया जा रहा है। मैं भी एक छात्र होने के नाते इसमें लेखक हूं। मुझे जो काम सौंपा गया है, वह कर रहा हूं। छात्रों को हम हर दिन नई जानकारी दे रहे हैं। कोरोना काल में छात्रों को काफी जानकारी दी गई और फिर से यह प्लेटफार्म छात्रों की कोरोना में घर बैठे मदद कर रहा है। -कमलदीप सिंह, इंजीनियरिंग के छात्र
पीयू पल्स के पंजाब सेक्शन को मैं देखती हूं। कॉलेज व विश्वविद्यालयों से जानकारी जुटाकर इस मंच के जरिए विद्यार्थियों तक पहुंचा रही हूं। ऐसे प्लेटफार्म हर क्षेत्र में होने चाहिए। कोरोना में यह और अधिक कारगर हैं। लोगों को मुफ्त में घर बैठे हर जानकारी मिल रही है। छात्रों का कोरोना काल में पढ़ाई से जुड़ा तनाव इस मंच ने दूर करने का काम किया है और यह मिशन जारी है। - नवरीत कौर, बीएड, डीएवी कॉलेज अबोहर
कोरोना काल में छात्रों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा, उनमें से एक मैं भी था। घर बैठे हुए पंजाब यूनिवर्सिटी और देश में हो रही गतिविधियों के बारे में कुछ भी पता नहीं चल पाता था लेकिन पीयू पल्स ने हमें पल-पल की जानकारी दी और मैं इसी से जुड़ गया। अब मैं और दूसरे विद्यार्थियों की मदद रहा हूं। कोरोना में छात्रों के लगातार सवाल आते हैं और हम उनका जवाब देकर उन्हें संतुष्ट करते हैं। - प्रियांशु जैन, केमिकल इंजीनियरिंग छात्र, पीयू
मुझे पीयू पल्स के लिए ग्राफिक डिजाइनर का काम सौंपा गया है। मैं पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को नई जानकारी दे रही हूं। कोरोना काल के शुरुआत में किसी को भी शिक्षा से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिल रही थी। मैं खुद परेशान थी लेकिन धीरे-धीरे मैं इस मंच से जुड़ी और छात्रों को जोड़ा। कोरोना काल में छात्र काफी परेशान रहे। अब उनकी चिंता दूर होती जा रही हैं। लाखों छात्रों को इसका लाभ मिल रहा है। -आयुषी सूद, छात्रा, रसायन विज्ञान विभाग, पीयू
लॉकडाउन के समय शिक्षा से जुड़े आदेशों के बारे में कुछ पता नहीं चल पा रहा था। मैं खुद तनाव में रही, लेकिन पीयू पल्स से जुड़ी और उसके बाद अन्य विद्यार्थियों को जानकारी देना शुरू किया। किसी की मदद करके बहुत आनंद मिलता है। मैं पीयू पल्स में ग्राफिक डिजाइनर का काम कर रही हूं। यह छात्रों का एक मंच है जो दूसरे क्षेत्रों में भी होना चाहिए। - अश्विनी, छात्रा, यूआईईटी, पीयू