शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद करने वाले ढींढसा परिवार के बाद अकाली दल में नेताओं द्वारा पार्टी से इस्तीफे देने का सिलसिला लगातार जारी है। इसके चलते शुक्रवार को संगरूर से यूथ अकाली दल के जिलाध्यक्ष विश्वजीत सिंह लिटलू ग्रेवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा कि उनके पूर्वजों से लेकर उन तक हमारी पार्टी शिरोमणि अकाली दल रही है और मरते दम तक शिरोमणि अकाली दल ही रहेगी। उन्होंने कहा कि मन बहुत दुखी है और अब महसूस होने लगा है कि पार्टी लोगों में मजाक की पात्र बनती जा रही है। रोजाना की बयानबाजी खास करके दिल्ली मतदान को लेकर लोगों में हमारा मजाक बन रहा है।
पार्टी में जो भी कमियां हैं, उन्हें दूर करने का यत्न किया जाए। वह किसी नेता का विरोध नहीं करते लेकिन कई बार फैसले समय को देखकर लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि 2022 में शिरोमणि अकाली दल की सरकार बने, जिसके लिए वह और उनके साथी बतौर वर्कर काम करेंगे।
नाजुक दौर का सामना कर रही पार्टी को स्व-मंथन करके सुधार करने की सख्त जरूरत है। उन्होंने सुखदेव सिंह ढींढसा की इस बात को सही ठहराते हुए कहा कि लोगों के अधिकारों की बात करने वाली पार्टी को लोग ही नकार दें और मजाक बना दें, तो हमें भी समझना चाहिए कि कुछ तो गलत हुआ है जो सुधारना है। उन्होंने फिर दोहराया कि वह बतौर वर्कर अकाली दल के लिए काम करते रहेंगे।