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नरसिंह प्रकरण पर पहली बार बोले योगेश्वर दत्त, देश के लिए बड़ा ऐलान

Sun, 21 Aug 2016 09:20 AM IST
विजेंद्र कौशिक/अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
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सुशील कुमार और नरसिंह
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रियो ओलंपिक में नरसिंह यादव पर बैन लगने से आहत योगेश्वर दत्त पहली बार बोले और देश के लिए बड़ा ऐलान कर डाला। योगेश्वर दत्त के भाई मुकेश ने बताया कि फोन पर योगेश्वर ने कहा कि नरसिंह मेडल जीतने का अहम दावेदार था। उसे बिना कुश्ती लड़े बाहर करना और प्रतिबंध लगाना बेहद निराशाजनक है।
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सरकार व कुश्ती संघ को सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि दोबारा किसी खिलाड़ी के साथ ऐसा न हो। मुकेश ने भाई को समझाया कि वे अब कुछ नहीं कर सकते। अपने मुकाबले पर ध्यान दें। योगेश्वर ने आश्वस्त किया कि वे अपने देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने आए हैं। यही मेरे गुरु मास्टर सतबीर सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

21 अगस्त को मैदान में उतरेंगे योगेश्वर
योगेश्वर दत्त का मेडल के लिए अभियान 21 अगस्त को भारतीय समय अनुसार शाम छह बजे शुरू होगा। इसके लिए चार से पांच पहलवानों को चित्त करके योगेश्वर गोल्ड तक पहुंच सकते हैं। कुश्ती मुकाबले को देखने के लिए योगेश्वर दत्त के परिवार ने पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए बड़ी स्क्रीन लगाई जाएगी।
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कोच कुलदीप मलिक से खास बातचीत

साक्षी मलिक - फोटो : PTI
कुश्ती खिलाड़ी नरसिंह यादव को रियो से रेड सिग्नल और चार साल के प्रतिबंध का असर गोल्ड मेडल के दावेदार योगेश्वर दत्त और संदीप तोमर पर न पड़े, इसके लिए कोच व सहायक टीम ने कमान संभाल ली है। दोनों पहलवानों को इस प्रकरण की छाया से बचाने के लिए उनकी काउंसलिंग की जा रही है।

रियो में बबीता कुमारी की हार के साथ महिला कुश्ती टीम का सफर पूरा हो चुका है। नरसिंह यादव के बिना खेले बाहर होने से अब योगेश्वर दत्त और संदीप तोमर के मुकाबले बचे हैं।

रियो से अमर उजाला से खास बातचीत में कोच कुलदीप मलिक ने बताया कि नरसिंह यादव के न खेलने व प्रतिबंध लगने की सूचना जारी हुई तो तुरंत कोच जगमेंद्र के साथ मिलकर उन्होंने योगेश्वर दत्त और संदीप तोमर से 20 मिनट तक मैस में बातचीत की।
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योगेश्वर सब भूलकर गोल्ड पर साधो निशाना

योेगेश्वर दत्त - फोटो : getty
कोच कुलदीप मलिक ने समझाया कि रियो के खेल मैदान में मेडल जीतने की देशों के बीच जंग है। नरसिंह चाहे लड़ने से पहले ही जंग से बाहर हो गए हैं, लेकिन योगेश्वर दत्त से पूरे देश को उम्मीदें हैं। तुम पहले भी पदक जीत चुके हो, अबकी बार गोल्ड मेडल जीतकर नरसिंह के न खेल पाने की कमी को पूरा करना है। सब कुछ भूलकर गोल्ड मेडल पर निशाना साधो, जैसे महाभारत काल में आचार्य द्रोणाचार्य के शिष्य अर्जुन ने मछली की आंख पर निशाना साधा था। इस पर योगेश्वर ने भी गोल्ड मेडल के लिए जी-जान लगाने का वादा किया। योगेश्वर दत्त की ओलंपिक के अंतिम दिन 21 अगस्त को कुश्ती है।
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