मुंबई की एकजुट प्रॉडक्शन कंपनी के नाटक ‘ये है बॉम्बे मेरी जान’ को शनिवार की शाम टैगोर थिएटर में प्रस्तुत किया गया। यह आयोजन चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी द्वारा किया गया। नाटक को नादिरा जहीर बब्बर ने लिखा और इसका निर्देशन किया।
देश के अलग-अलग कोनों से मुंबई में आए देवी दा, तिकम, राजन, लक्ष्मी और आरिफ अली एक ही कमरे को शेयर करते हैं। अपनी पहचान बनाने के लिए कोई स्क्रिप्ट राइटर बनने के ख्वाब देखता है तो कोई एक्टर, लेकिन सपनों की राह आसान नहीं, संघर्ष करते हुए सभी एक दूसरे के करीब आ जाते हैं और बहुत गहरे दोस्त बन जाते हैं।
नाटक में मुंबई में रहने वाले लोगों के मनोभाव को दिखाया गया है। कैथोलिक मकान मालकिन जो अपने शराबी और गाली गलौच करने वाले पति के साथ रहती है, उसने एक बिहारी, एक साउथ इंडियन, एक हरियाणवी, एक मुस्लिम को अपना घर किराए पर दे रखा है। सभी एक साथ विभिन्न राज्यों से होने के बाद भी प्यार और शांति से रहते हैं।
साउथ इंडियन राजन चाय पूछने पर अपमानित महसूस करता है क्योंकि वह केवल काफी पीता है तो मुस्लिम आरिफ को पुलिस पूछताछ के लिए बुलाती रहती है क्योंकि वह मुस्लिम है। खासकर जब सभी दोस्त एक दूसरे की मदद करने के लिए अपनी हदों से भी बाहर चले जाते हैं।