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कांग्रेस में बढ़ा बवाल, प्रदेश अध्यक्ष ही निशाने पर

Sun, 08 Jun 2014 12:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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लोकसभा चुनाव में बुरी तरह पिछड़ने के बावजूद हरियाणा कांग्रेस में चिक-चिक थम नहीं रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के धुर विरोधी राज्यसभा सदस्य कुमारी सैलजा और चौधरी बीरेंद्र सिंह अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर को भी घेरने में जुट गए हैं।
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लोकसभा चुनाव में हार पर दोनों ने पहले मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगा था। अब उन्होने जिलावार लगाए गए पर्यवेक्षकों पर भी सवाल उठा दिए हैं। सैलजा और बीरेंद्र सिंह ने आरोप मढ़ दिया कि जिलों में लगाए गए अधिकतर पर्यवेक्षक गैर कांग्रेसी हैं। वे पहले दूसरी पार्टियों में थे।

पर्यवेक्षकों की नियुक्ति में दोनों नेताओं से पूछा नहीं गया और उनके किसी भी समर्थक को पर्यवेक्षक नहीं लगाया गया। अब पानीपत के कांग्रेस विधायक बलबीर पाल शाह ने मांग की है कि कांग्रेस सरकार में पंजाबी समुदाय से मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए।
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साढौरा के विधायक राजपाल भूखड़ी ने 24 घंटे के भीतर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर को नोटिस का जवाब भेज दिया है। सूत्रों के मुताबिक भूखड़ी ने जवाब में पूछा है कि किरण चौधरी, चौधरी बीरेंद्र सिंह और अवतार भड़ाना ने भी अपने इलाके की बातें उठाईं मगर उन्हें नोटिस क्यों नहीं दिया? मुझे ही क्यों नोटिस दिया गया?

मैने कोई अनुशासनहीनता नहीं की। अगर उनके जिले में अकेले अशोक तंवर पहुंचते तो वे कार्यकर्ता सम्मेलन में जरूर पहुंचते। मगर मुख्यमंत्री ने उनके हलके में विकास नहीं किया इसलिए वह सम्मेलन में नहीं गए।

उन्होंने तंवर से आग्रह किया कि अगर वे उनकी दिक्कतें मुख्यमंत्री से बात करके हल करवा दें तो अच्छा होगा। अंत में भूखड़ी ने यह भी लिख दिया कि अगर कोई अनुशासनहीनता हुई हो तो वे खेद व्यक्त करते हैं।
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