विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस का थीम है ‘आत्महत्या को रोकने को लेकर मिलकर काम करना’ है। सबसे अहम रोल पुलिस, संस्थाओं समेत अन्य सभी को अच्छा आपसी तालमेल बनाकर रखना होगा। हम सभी मिलकर मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बात करें तो काफी हद तक समस्या कम हो जाएगी। इसके अलावा अगर किसी को इस तरह की दिक्कत आती है तो वह नजदीकी डॉक्टर से सलाह लें। आत्महत्या को रोकना किसी एक के वश की बात नहीं है, यही वजह है कि सभी को एक साथ मिलकर काम करना होगा। -डॉ. सुबोध बीएन, मानोचिकित्सक पीजीआई
लक्षण को इस तरह पहचाने
- हमेशा लोगों से दूरियां बनाकर रहना।
- अक्सर बातों को अनसुना कर देना।
- हर वक्त नकारात्मक बातें करना।
- हरदम कुछ न कुछ सोचते रहना।
- किसी भी बात को लेकर गुस्सा करना।
- बार-बार आत्महत्या करने करने की बात कहना।
- ज्यादा नींद आना या फिर देर देर रात जागना।
- अचानक से स्वभाव बदल जाना।
आत्महत्या के ख्याल पर इन बातों पर रखें ध्यान
- ड्रग्स और शराब के सेवन से बचें।
- खुद को रोकने के लिए खुद से वादा करें।
- अपने पास से ऐसी चीज को हटा दें जो आपको नुकसान पहुंचा सकती है।
- आत्महत्या का विचार आने पर अपने दोस्तों और परिवार से घुले-मिले।
- ऐसी जगह जाएं जहां आप खुद को सुरक्षित महसूस करें।
महीना आत्महत्या के केस
- जनवरी 08
- फरवरी 14
- मार्च 11
- अप्रैल 06
- मई 11
- जून 17
- जुलाई 07
- अगस्त 13
- सितंबर 01
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