चंडीगढ़। कम्युनिटी रेडियो के जरिए कोरोना महामारी से बचाव को जागरूक करने के अलावा लोगों की मदद करने में पंजाब यूनिवर्सिटी का ज्योतिर्गमय और चितकारा यूनिवर्सिटी का रेडियो चितकारा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रेडियो के जरिए लोगों को जरूरी संदेश, जानकारियों और सूचनाओं के साथ अपराधों से कैसे बचें और स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रखें, इस बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। पीयू पत्रकारिता विभाग की अध्यक्ष डॉ. सुमेधा ने बताया कि कम्युनिटी रेडियो का अर्थ ही लोगों के लिए काम करना है, यूनिवर्सिटी का रेडियो उसी दिशा में काम कर रहा है।
बच्चों के शैक्षणिक और वयस्कों के लिए जागरूकता कार्यक्रम
डॉ. सुमेधा ने बताया कि पीयू रेडियो ज्योतिर्गमय 91.2 पर कोरोना महामारी के समय में लोगों को जागरूक किया गया। शहर के डॉक्टरों के साक्षात्कार प्रसारित किए गए। डॉक्टर लाइव रेडियो पर लोगों को कोरोना महामारी से जुड़ी जानकारी के साथ उस दौरान चल रही अफवाहों से जागरूक करते थे। इसके अलावा अभी ब्लाइंड स्कूल के साथ मिलकर बच्चों के लिए कहानियां और एनसीईआरटी की किताबों पर शिक्षकों से कार्यक्रम तैयार करवाकर लाइव प्रसारित किया जा रहा है, ताकि बच्चे घर बैठे शिक्षा से जुड़े रहें। कानून और आप कार्यक्रम में कानून विभाग के विद्यार्थी अपराध व उससे जुड़े कानूनों के बारे में जानकारी देते हैं।
लॉकडाउन में फंसी महिला, कम्युनिटी रेडियो पर मदद के लिए किया फोन
चितकारा यूनिवर्सिटी के पत्रकारिता विभाग के डीन डॉ. आशुतोष मिश्रा ने बताया कि कोविड की पहली लहर के लॉकडाउन में पानीपत निवासी एक महिला राजपुरा में फंस गई थी, उसने कहीं से नंबर लेकर मदद के लिए कम्युनिटी रेडियो पर फोन किया। उसे स्थानीय प्रशासन की मदद से घर पहुंचाया गया। कोरोना महामारी के समय में रेडियो चितकारा पर साढ़े पांच महीने तक लगातार 24 घंटे कोरोना से जुड़ी जानकारी और लोगों की मदद से जुड़े कार्यक्रम प्रसारित किए गए। इसमें स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, गांवों के सरंपच, स्थानीय डॉक्टर आदि की मदद ली गई। अभी बच्चों के लिए एनसीईआरटी किताबों पर आधारित कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।