पीजीआई में संचालित लिवर क्लीनिक, लिवर न्यूट्रीशन क्लीनिक और लिवर ट्रांसप्लांट के मरीजों में महिलाओं की तुलना में पुरुषों की संख्या अधिक है। हेपेटॉलजी विभाग के प्रमुख प्रो. विरेंद्र सिंह का कहना है कि शराब इसका एक मुख्य कारण है। उनका कहना है कि शराब के सेवन से लिवर से संबंधित कई प्रकार के संक्रमण तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके अलावा दवाओं का अधिक सेवन भी लिवर सेल में सूजन का प्रमुख कारण बन रहा है। इसलिए बिना डॉक्टर के सलाह के किसी भी दवा को न लें।
एक नजर 2019-20 की पीजीआई की ओपीडी के आंकड़ों पर
लिवर क्लीनिक लिवर न्यूट्रीशन क्लीनिक लिवर ट्रांसप्लांट
पुरुष मरीजों की संख्या 7121 07 87
महिला मरीजों की संख्या 3451 4 19
उल्टी होना, कम भूख लगना, थकावट, दस्त होना, पीलिया, लगातार वजन घटना, शरीर में खुजली होना, पेट में तरल पदार्थ बनना।
इससे खराब हो रहा लिवर
लिवर कई वजहों से खराब होता है। वायरल हेपेटाइटिस, सिरोसिस, ज्यादा शराब, ज्यादा तली-भुनी और मसालेदार खाना प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
लिवर का महत्व
यकृत या जिगर शरीर का एक अंग है, जो केवल कशेरुकी प्राणियों में पाया जाता है। इसका कार्य विभिन्न चयापचयों को करना, प्रोटीन को संश्लेषित करना, और पाचन के लिए आवश्यक जैव रासायनिक बनाना है।
विभाग के प्रो. अजय दूसेजा ने बताया कि वायरल हेपेटाइटिस के बढ़ते मरीजों पर काबू के लिए जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार को ई-पब्लिक फोरम का आयोजन किया गया है। शाम 7 से रात 8.15 बजे तक वेबिनार का आयोजन किया जाएगा। उसमें 30 मिनट का सत्र जनता के सवालों के लिए रखा गया है।
https://webinarx{z.in/livercare-pgimer लिंक पर नि:शुल्क पंजीकरण किया जा सकता है।
हेपेटाइटिस मुख्य रूप से लिवर की बीमारी है। इससे बचाव के लिए बच्चों का तय समय पर टीकाकरण कराएं। वहीं लक्षण दिखने पर समय रहते इलाज शुरू करवाएं, क्योंकि इसके इलाज में महज तीन महीने का समय लगता है। बीमारी गंभीर होने पर जान भी जा सकती है। -प्रो. विरेंद्र सिंह, पीजीआई हेपेटॉलजी विभाग के प्रमुख