हरियाणा में नए एचआईवी (ह्युमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस) केसों में कमी आई है। नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गेनाइजेशन (नाको) के अनुसार, पिछले एक दशक के दौरान हरियाणा में नए एचआईवी केसों में 12.35 फीसदी की कमी आने का अनुमान लगाया गया है। विश्व एड्स दिवस पर यह अनुमान राहत देने वाला है। वहीं प्रदेश में इस वक्त एचआईवी संक्रमण के साथ रह रहे 15 वर्ष से अधिक उम्र के कुल लोगों का अनुमान 44 हजार 760 है।
15 वर्ष से अधिक उम्र के केसों को वयस्क (महिला एवं पुरुष दोनों शामिल) श्रेणी में शामिल किया गया है, जिसमें 6.5 फीसदी, 15 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के केसों में 8.2 और 15 वर्ष से कम उम्र यानि बच्चों की श्रेणी में 71.7 फीसदी की कमी आने का अनुमान रिपोर्ट में लगाया गया है।
नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गेनाइजेशन की ओर से जारी ताजा एस्टिमेशन रिपोर्ट-2019 के मुताबिक प्रदेश में बीते 10 वर्ष में एचआईवी संक्रमण के कुल 2620 केस नए आए हैं। इनमें 15 वर्ष से अधिक उम्र की वयस्क श्रेणी में 2540, 15 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं की श्रेणी में 820 और 15 वर्ष से कम उम्र यानि बच्चों की श्रेणी में 70 केस नए हैं।
एड्स से होने वाली मौतों में 26.37 फीसदी कमी का अनुमान
एड्स से होने वाली मौतों में भी हरियाणा में कमी दर्ज की गई है। 2010 की एस्टिमेशन रिपोर्ट के मुकाबले मौजूदा वक्त में 26.37 फीसदी कमी का अनुमान दर्ज किया गया है। वयस्क श्रेणी में 25.1 फीसदी, महिला श्रेणी में 36 फीसदी और बच्चों के केसेज में 43.4 फीसदी की कमी का अनुमान लगाया गया है। जबकि प्रदेश में एड्स से 1950 मरीजों की मौत का अनुमान है। इनमें 1840 वयस्क, 490 महिलाएं और 100 बच्चे हैं।
एक हजार में एचआईवी संक्रमण के हैं नौ केस
प्रति एक हजार एचआईवी संक्रमण के केस इस वक्त एक फीसदी से भी कम होने का अनुमान लगाया गया हैं। रिपोर्ट के मुताबिक एक हजार में नौ केस एचआईवी संक्रमण के हैं। इनमें पुरुषों के संक्रमित होने का अधिक अनुमान लगाया गया है।
प्रदेश में करीब 45 हजार एचआईवी संक्रमण के साथ रह रहे
प्रदेश में इस वक्त एचआईवी संक्रमण के साथ रह रहे 15 वर्ष से अधिक उम्र के कुल लोगों का अनुमान 44760 है। इनमें से महिलाओं की संख्या का अनुमान 14970 लगाया गया है, जबकि 15 वर्ष से कम उम्र यानि बच्चों की श्रेणी में 1490 केस हैं। एचआईवी के फैलाव की दर की बात करें तो रिपोर्ट के मुताबिक यह अनुमान 0.21 फीसदी लगाया गया है। महिलाओं में 0.15 और पुरुषों में 0.26 फीसदी के फैलाव का अनुमान लगाया गया है।