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बिजली के तार पर कर्मचारी का पैर आने से मौत, बेटे को क्रिकेटर बनाने की थी चाहत

Sun, 25 Aug 2019 01:20 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में शनिवार सुबह गत्ता फैक्ट्री के पास काम करते समय एक सफाई कर्मचारी का सड़क पर पड़े बिजली के तार पर पैर पड़ गया। करंट लगने से कर्मचारी बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। आसपास के लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद पुलिसकर्मी पहुंचे और सफाईकर्मी को सेक्टर-32 स्थित अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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उधर, सूचना पर सफाई कर्मचारी यूनियन के सदस्य इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस के पास बिजली विभाग के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग लेकर पहुंच गए। यहां पुलिस से काफी देर तक यूनियन के सदस्यों की बहस हुई। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सफाई कर्मचारी यूनियन के सचिव ओम पाल चांवर ने बताया कि रामदरबार निवासी जगबीर सिंह पुत्र प्यारे लाल नगर निगम में रेगूलर कर्मचारी के पद पर तैनात था। रोजाना की तरह शनिवार सुबह लगभग साढ़े 6 बजे जगबीर इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में गत्ता फैक्ट्री के पास सफाई कर रहा था। तभी वहां पहले से टूटकर गिरे बिजली के तार पर अचानक उसका पैर पड़ गया। घास के कारण उसे तार दिखा नहीं। करंट लगते ही जगबीर बेहोश होकर गिर पड़ा।
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यूनियन के अध्यक्ष कृष्ण कुमार चड्ढा, गुरुचरण सिंह, ओमप्रकाश सैनी, सुभाष, लोकेंद्र सिंह व ब्रह्मपाल के नेतृत्व में काफी संख्या में कर्मचारियों ने इंडस्ट्रियल एरिया थाने में बिजली विभाग के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की लेकिन पुलिस ने पोस्टमार्टम होने का इंतजार करने को कहा। इसे लेकर काफी देर तक हंगामा चलता रहा।

बेटी नर्सिंग और बेटा कक्षा 9 में कर रहा पढ़ाई

जगबीर की बेटी मीनाक्षी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है जबकि बेटा गौरव कक्षा 9 में है। पत्नी सरोज हाउसवाइफ हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर घर का खर्च कैसे चलेगा? कर्मचारी यूनियन के सदस्यों का कहना था कि सभी से अच्छा व्यवहार रखने वाला राजबीर अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने की हमेशा बात करता था। सभी से अच्छे कॉलेज व स्कूल के बारे में पूछता था कि कहां बच्चों का दाखिला कराया जाए। अब बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च पत्नी के कंधों पर है।

हादसे के बाद न कोई अधिकारी पहुंचा और न पार्षद
नगर निगम कर्मचारी के साथ इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद नगर निगम का कोई भी अधिकारी दोपहर तक मौके पर नहीं पहुंचा। यूनियन के सदस्यों ने बताया कि एमओएच डॉ. एपी सिंह को जब फोन कर सूचना दी तो उन्होंने कहा कि मैं शहर से बाहर हूं। इसके बाद न कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न कोई पार्षद। लोगों में इस बात को लेकर भी काफी गुस्सा था कि सफाई न होने पर पार्षद शिकायत कर देते हैं, लेकिन घटना के वक्त कोई देखने तक नहीं आया।
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बिजली विभाग की लापरवाही, अवैध कनेक्शन से बना तारों का मकड़जाल

करंट लगने से जहां राजबीर की मौत हुई वहां अवैध रूप से तार डालकर बिजली कनेक्शन लेने वालों की भरमार है। लोगों ने तारों का ऐसा मकड़जाल बुना हुआ है कि छतों पर से निकले तारों को कोई और व्यक्ति भी छू ले तो बड़ा हादसा हो जाए। लोगों ने छतों पर लोहे का सामान रखा हुआ है।

बिजली विभाग की लापरवाही से यह अवैध रूप से कनेक्शन भी लोग धड़ल्ले से लिए हुए हैं। हादसे के बाद भी कोई विभागीय कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा और टूटे हुए तार अब भी लटक रहे थे। सफाई कर्मचारियों ने कहा कि जिम्मेदारी से यदि विभाग अपना काम करता तो जगबीर आज हमारे साथ होता।

‘कचरा न फेंके’ के बोर्ड के सामने ही फेंक दिया कचरा
जगबीर जहां कचरा साफ कर रहा था, वहीं सामने एक घर का दरवाजा है। जिस पर बोर्ड लगा है कि यहां कचरा न फेंके लेकिन वहां दुर्गंध के कारण खड़ा होना भी मुश्किल था। ऐसे में सफाई कर्मचारियों का कहना था कि लोगों के अंदर इतनी भी समझ नहीं है कि कचरा न फेंकने का बोर्ड लगा है वहीं कचरे का अंबार लगा दिया है।

बेहतरीन क्रिकेटर था जगबीर सिंह
यूनियन के लोगों ने बताया कि जगबीर सिंह क्रिकेट का बेहतरीन खिलाड़ी था। वह जितनी अच्छी बल्लेबाजी करता था, उतनी ही अच्छी गेंदबाजी भी करता था। अपने बेटे गौरव को भी वह अच्छा क्रिकेटर बनाना चाहता था। इसके लिए छुट्टी वाले दिन बेटे के साथ क्रिकेट खेलने जरूरत जाता था।
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